बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से नेपाली हाथियों का झुंड किशनपुर सेंक्चुरी के फूटा कुआं महोलिया होते हुए मड़हा जंगल आ पहुंचा है। मड़हा वन ब्लॉक किशनपुर सेंक्चुरी का हिस्सा है। हाथियों के यहां पहुंचने से जंगल के आसपास बसे गांव के लोगों में अफरातफरी मच गई है। दो साल पहले हाथियों के मचाए उत्पात को देखते हुए वन विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
बुधवार को नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकलकर जंगली हाथियों का एक बड़ा दल शारदा नदी पार कर धनारा घाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के संपूर्णनगर रेंज में आ पहुंचा। जहां बृहस्पतिवार को रुकने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज में जा पहुंचा। वहां आसपास के गांवों में करीब सौ बीघा खेतों में लगी धान और गन्ने की फसल रौंदने के बाद भीरा रेंज की महराज नगर बीट होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटा कुंआ आ गया। यहां कुछ समय रुकने के बाद मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट होते हुए मड़हा जंगल की ओर रवाना हो गया। रविवार की सुबह हाथी दल के मड़हा जंगल पहुंचने की सूचना मिली है।
हाथियों के मड़हा जंगल आने की सूचना से जंगल के आसपास बसे पहाड़ नगर, सोहनरभूड़, जटपुरा, बूधरपुर, बरौंछा, महोलिया आदि गांवों में अफरातफरी का माहौल है। यहां बता दें कि दो साल पहले हाथियों के झुंड ने इस इलाके में जमकर उत्पात मचाया था। सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा जमीन में लगी फसलों को रौंद दिया था। एक बार फिर किसान अपनी फसलों के नुकसान को लेकर आशंकित हैं। हालांकि वन विभाग हाथियों की निगरानी करने के साथ-साथ गांव के लोगों को भी जागरूक कर रहा है, बावजूद इसके गांव वाले पुरानी घटनाएं याद करके चिंतित हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक ने रविवार को खुद मड़हा जंगल जाकर निगरानी कार्यों का जायजा लिया।
नेपाल से आए हाथियों के दल के मड़हा जंगल पहुंचने की सूचना मिली है। वन कर्मियों की कई टीमें हाथियों की निगरानी में लगाई गईं हैं। सभी वरिष्ठ अधिकारी निगरानी टीमों के संपर्क में रहकर अपडेट ले रहे हैं। मैने स्वयं भी मौके पर जाकर निगरानी कार्य का जायजा लिया है।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
हाथियों के दो दल होने की आशंका
बांकेगंज। हाथियों की निगरानी कर रही टीमों के मुताबिक, नेपाली हाथियों के दो दल हैं। एक दल मड़हा जंगल पहुंचा है, जबकि दूसरे दल के किशनपुर सेंक्चुरी की चलतुआ बीट जंगल में होने के प्रमाण मिले हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना है कि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि नेपाल से आया एक दल ही दो हिस्सों में बंट गया है या कोई दूसरा दल भी आ पहुंचा है। संवाद
भीरा-पलिया हाईवे पर राजनरायनपुर के पास पहुंचा हाथियों का झुंड
बांकेगंज। रविवार शाम सात बजे के करीब जंगली हाथियों की मौजूदगी भीरा-पलिया हाईवे पर राजनरायनपुर के पास देखी गई है। इससे उधर से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन सवारों को अलर्ट किया गया है। यह जानकारी दुधवा नेशनल पार्क के प्रभारी उपनिदेशक मनोज सोनकर ने दी है। साथ ही उन्होंने उधर से गुजरने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। संवाद
हाथियों ने रौंदी दो एकड़ गन्ने की फसल
निघासन। बथुआ फार्म निवासी किसान परविंदर सिंह, हरमेल सिंह, मंगल, गुरदीप, जसपाल आदि ने बताया कि उनके खेत बथुआ वनबीट जंगल किनारे हैं। शनिवार रात जंगल से निकले हाथियों ने उनकी फसल को नष्ट कर दिया। किसानों ने बताया कि आए दिन जंगली जानवर फसलों को नष्ट करते रहते हैं, जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। संवाद