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Lakhimpur Kheri News: तराजू में झोल, निगरानी व्यवस्था में खोट

Thu, 15 Oct 2026 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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इलेक्ट्रानिक तराजू की जांच करते माप-बांट निरीक्षक। स्रोत: स्वंय
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लखीमपुर खीरी। बाजार में तराजू की सुई से लेकर राशन की तौल तक गड़बड़ी मिली, लेकिन जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई का ब्योरा जुर्माने और मुकदमों के आंकड़ों तक सिमटा रहा।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में 966 प्रतिष्ठानों की जांच में 253 जगह खामियां मिलीं। 82 प्रतिष्ठानों से 4.63 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि 171 मामले कोर्ट पहुंच गए। इसके बावजूद विभाग ने गड़बड़ी करने वाले प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।
बाट-माप विभाग के निरीक्षण में मिठाई की तीन और सरकारी राशन की दो दुकानों पर घटतौली पकड़ी गई। एक मिठाई की दुकान पर डिब्बे समेत मिठाई तौलने पर कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर माप उपकरणों के सत्यापन की मोहर नहीं मिली तो कुछ संचालक मौके पर प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। कई जगह टेस्ट बाट भी नहीं मिले। किराना दुकानों, पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों और राशन की दुकानों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आईं।
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बाट-माप निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने बताया कि प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले तराजू, बाट और अन्य माप उपकरणों का नियमानुसार सत्यापन जरूरी है। इससे ग्राहकों को निर्धारित वजन के अनुसार सामान मिल सके। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 966 प्रतिष्ठानों की जांच में 253 जगह गड़बड़ी मिली। इनमें 82 प्रतिष्ठानों से जुर्माना वसूला गया, जबकि 171 दुकानदारों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमे किए गए हैं। इन मामलों में निर्णय के बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
जुर्माने का प्रावधान, कार्रवाई का दावा
बाट-माप निरीक्षक के मुताबिक, घटतौली पर 10 हजार रुपये, खुदरा बिक्री में ओवररेटिंग पर पांच हजार रुपये और थोक बिक्री में ओवररेटिंग पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। पैकेट में घटतौली मिलने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि 253 प्रतिष्ठानों में किस तरह की गड़बड़ी मिली और किन प्रतिष्ठानों पर किस आधार पर कार्रवाई की गई।

मेरा पूरा दिन निरीक्षण और कार्रवाई में निकल जाता है। शिकायतों के अलावा भी प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होती है। विभाग में मैं अकेला हूं और स्टाफ न के बराबर है।
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-जगदीश प्रसाद, निरीक्षक, बाट-माप विभाग
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