गोला गोकर्णनाथ। अषाढ़ मास की पूर्णिमा को छोटी काशी के देवी मंदिरों में खासी भीड़ रही। महिलाओं ने मां का पूजन कर मनौतियां मांगीं और गुरु पूजन की परंपरा का निर्वाह भी किया।
अषाढ़ी पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं देवी जी का पूजन कर उन्हें गुलगुला, गुझिया आदि पकवान प्रसाद में अर्पित करती हैं। गुरु पूर्णिमा होने के कारण विभिन्न स्थानों पर गुरु का पूजन भी किया गया। नगर के पूर्वी दीक्षिताना में हुए सत्संग में सद्गुरु दादा जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप जलाकर उनका पूजन किया गया। सत्संग में गीता जी के पति श्याम जी की वाणी सुनाई गई। शोभा कटियार ने गुरु दादा जी के वचनों की वाणी सुनाई। भगवान के कई भजन ढोलक और ढपली पर गाए गए और समापन प्रसाद वितरण से हुआ। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, अंजू कटियार, शकुंतला राजपूत सहित काफी महिलाएं गुरु पूर्णिमा के मौके पर लखनऊ के माधव सभागार में होने वाले उत्सव में बस से गईं हैं।