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सर्द हवा के साथ ठंड का प्रकोप बढ़ा
शहर में अलाव जलवाने के इंतजाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। तराई में शीतलहर ने दस्तक दे दी है। सर्द हवाओं और घने कोहरे से बृहस्पतिवार को जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। दिन भर घना कोहरा छाया रहा। सुबह 10 बजे तक यातायात प्रभावित रहा।
तीन दिन पहले से मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। कोहरे की बजह से वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा है। बुधवार की शाम से ही घना कोहरा छा गया। रात भर कोहरे के कारण अंधेरा जैसा छाया रहा। सुबह 11 बजे तक शहर घने कोहरे की चादर मेें लिपटा रहा। हालात यह थे कि दस बजे भी लोगों को अपने वाहनों की हेडलाइट जला कर सड़क पर निकलना पड़ा।
बृहस्पतिवार को दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग गुनगुनी धूप के लिए तरस गए। दिन भर कोहरा छाए रहने और सूरज न निकलने से शाम के धुंधलके जैसा नजारा दिखा। घरों और दफ्तरों में दिन में लाइट जलानी पड़ी। दिन भर कोहरे के कारण लोगों के रोजमर्राका कामकाज भी प्रभावित हुआ। स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चों ने घर पर ही रुक कर विंटर डे मनाया। इससे स्कूलों में बच्चों की हाजिरी काफी कम रही।
रात से ही चल रही सर्द हवाओं के कारण लोगों की कंपकंपी छूट गई। रेलवे स्टेशन और माल गोदाम पर रात गुजारने वाले मजदूरों पर सर्द रात भारी पड़ी। जिला प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था न होने के कारण यहां रात गुजारने वाले लोगों ने इधर-उधर से कूड़ा एकत्र कर अलाव जलाया और उसी के सहारे रात गुजारी। बाहर से आने वाले तमाम यात्री रात में रेलवे स्टेशन पर ही ठिठुरते रहे। रिक्शा चालकोें ने भी मुश्किल से सर्द रात गुजारी। रात में चाय की दुकानों पर बुझी भट्ठियों के सहारे लोग ठंड से बचाव की कोशिश करते दिखे।
शीतलहर के बावजूद जिला प्रशासन ने कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। इससे गरीब, मजदूरों और रिक्शा चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर, एडीएम विद्याशंकर सिंह का कहना है कि उन्होंने सभी तहसीलदारों को अलाव जलाने के निर्देश दे दिए हैं। जल्दी ही अलाव की व्यवस्था होगी।
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कड़ाके की ठंड में बिजली ने भी दिया दगा
कड़ाके की ठंड में बिजली ने भी दगा दे दिया। सुबह सात बजे से 9.30 बजे तक नियमित बिजली रहने के बाद दिन भर बिजली गायब रही। दिन में कोहरा छाया रहने और सूरज न निकलने के कारण घरों और दफ्तरों में अंधेरा छाया रहा। इससे कामकाज प्रभावित हुआ। लोगों को रोशनी के लिए जनरेटर और इन्वर्टर से काम चलाना पड़ा। दिन भर बिजली न रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।