लखीमपुर खीरी। बैंकोें के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले भर के बैंक कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल रखी। हड़ताल के कारण बैंकों में ताले लटके रहे। इससे करीब चार सौ करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन ठप रहा। हड़ताली कर्मचारियों ने इलाहाबाद बैंक के सामने प्रदर्शन करते हुए सभा की।
इलाहाबाद मंडल कार्यालय के सामने हुई सभा को संबोधित करते हुए यूनाइटेड फोरम जिला इकाई के अध्यक्ष पीके शर्मा, केएस चीमा व संयोजक महेश जायसवाल ने कहा कि आज देश के समग्र आर्थिक विकास में वित्तीय साक्षरता व प्रत्येक व्यक्ति का बैंक में खाता होने का बड़ा महत्व है। इन कार्यों से बैंक का दायित्व बहुत बढ़ गया है। लेकिन सरकार का रवैया बैंकों के प्रति बहुत ही उपेक्षा पूर्ण है। सरकार समयबद्ध पुर्नरीक्षण नहीं कर रही है।
अतुल मेहरोत्रा, अशोक कुमार त्रिपाठी व अमरनाथ खत्री ने कहा कि सरकार के स्तर पर करोड़ों रुपये के घोटाले किए जा रहे हैं व बैंकों के निजीकरण की साजिश की जा रही है। इन कारणों से बैंक के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहने को विवश हैं। प्रदर्शन में अनिल कुमार मिश्र, चंद्र शेखर मिश्र, पवन गुप्ता, नीलेश गुप्ता, अनुराग पांडे, राजीव मिश्र, मिथलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
पलियाकलां। वेतन बढ़ाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर नगर की प्रमुख इलाहाबाद बैंक शाखा सहित कई बैंकें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब सिंध बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक आदि में भी कामकाज नहीं हुआ। इससे बैंक ग्राहकों को असुविधा हुई।
मैलानी। यहां भी बैंकों में हड़ताल रही। यहां स्थित भारतीय स्टेट बैंक तथा इलाहाबाद बैंकाें में ताला लटका रहा। हड़ताल से अनजान तमाम ग्राहक बैंकों के चक्कर लगाकर वापस लौट गए। इससे ग्राहकों को परेशानी के साथ ही बैंक का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बांकेगंज। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते कस्बा की राष्ट्रीयकृत बैंक एसबीआई एवं इलाहाबाद बैंक में कामकाज ठप रहा। इसके चलते बैंक में लेनदेन करने वाले ग्राहकों को मुसीबतें उठानी पड़ी।
सिकंद्राबाद। कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक, जिला सहकारी बैंक, नीमगांव स्थित बैंक आफ बड़ौदा, डीसीबी, बेहजम स्थित इलाहाबाद बैंक व लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाएं हड़ताल के चलते बंद रहीं। इससे आम लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
400 करोड़ का वित्तीय कारोबार ठप रहा
इलाहाबाद बैंक के लीड बैंक अधिकारी वीके सक्सेना ने बताया कि बैंकों की हड़ताल के चलते जिले में करीब 125 करोड़ का नकद लेनदेन और 100 करोड़ का क्लीयरिंग व्यवसाय ठप रहा। आरटीजीएस के माध्यम से होने वाला करीब 150 करोड़ का ट्रांजक्शन भी प्रभावित हुआ है। वित्तीय कारोबार ठप रहने से व्यापारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी है।
एटीएम हो गए खाली, व्यापारियों को हुई दिक्कत
बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों ने एटीएम से पैसे निकालकर काम चलाया। इसके चलते शाम चार बजे तक अधिकांश बैंकों के एटीएम खाली हो गए। बैंकों में लेनदेन ठप रहने से व्यापारियों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। बैंक ड्राफ्ट न बनने से लोगों को माल मंगाने में दिक्कत हुई।