विकास की खुली पोल, विकास भवन हुआ जलमग्न
कलक्ट्रेट, स्कूल, गेस्ट हाउस में भी हुआ जलभराव
डीएम आवास भी नहीं रहा अछूता, हुआ जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सोमवार की मध्य रात्रि से हुई झमाझम रिकार्ड बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश का सिलसिला सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक चला। जिले में करीब 192 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इस भारी बरसात ने नगर पालिका प्रशासन के जल निकास व्यवस्था के दावों की भी पोल खोल कर रख दी है। प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से अधिकतर विद्यालयों ने मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया तो सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। वहीं बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।
कई सालों बाद बारिश ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि करीब आठ घंटे तक रिकार्ड बारिश हुई। बारिश से शहर के विभिन्न हिस्सों में जबरदस्त जलभराव हो गया। डीसी रोड पर पानी भर गया, तो डीएम आवास परिसर में जलभराव हो गया। डीसी रोड पर स्थित कांशीराम कॉलोनी में कई फीट पानी भर गया, जो कई घरों में भी घुस गया। इससे कॉलोनी वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विकास भवन परिसर और भूतल पर स्थित कार्यालयों में पानी भरने से फरियादियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कमरों में पानी भर जाने की वजह से समाज कल्याण विभाग आदि दफ्तरों के महत्वपूर्ण अभिलेख भीग गए। आगा साहब कोठी चौराहे पर जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा डान बास्को कॉलेज के पास रोड पर जलभराव होने से लोगों को सड़क का अंदाजा करना मुश्किल हो रहा था। जिसके चलते यातायात व्यवस्था भी पंगु बनी रही।
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स्थगित करना पड़ा कार्यक्रम
सदर प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने थे, जिसके लिए अभ्यर्थियों का जमावड़ा सुबह से सदर प्राथमिक विद्यालय के बाहर हो गया था। परिसर में जबरदस्त जलभराव के चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने सदर स्कूल से नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम हटाकर बीएसए कार्यालय परिसर में कर दिया।
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शहर में जलभराव की स्थिति से नगर पालिका प्रशासन के दावों की पोल खुल गई है। शहर में जल निकासी व्यवस्था फ्लॉप साबित हुई है। गलियों और सड़कों पर जलभराव होना आम बात थी, लेकिन इस बार विकास भवन और डीएम आवास परिसर तक में पानी भर गया।
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संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
शहर में बारिश केचलते जगह-जगह हुए जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रमुख स्थानों और मोहल्लों में जलभराव होने के साथ ही लोगों के घरों में पानी भरने से गंदगी पहुंच गई है। नगर पालिका प्रशासन ने यदि जल्द ही सफाई न करवाई गई तो संक्रामक बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले सकती हैं।