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ताकि गन्ने की फसल को न हो नुकसान

Sat, 04 May 2013 05:30 AM IST
Lakhimpur
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कीट प्रकोप से बचाने को कीटनाशक स्प्रे की सलाह
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बिजुआ। गन्ने की फसल में कीटों के प्रकोप को देखते हुए गुलरिया चीनी मिल ने किसानों को कीटनाशक स्प्रे कराने की सलाह दी है। साथ ही कृषि विशेषज्ञों की मदद से खेती करने के तरीके भी सुझाए हैं।
गुलरिया चीनी मिल ने किसानों को गन्ने के खेतों में कांफीडोर 100 मिली, एक किग्रा जिंक सल्फेट, 250 ग्राम बोरोन, पांच किग्रा यूरिया का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर एक एकड़ गन्ना फसल पर स्प्रे करने को कहा है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि बोरोन की कमी से गन्ने की बढ़वार रुक जाती है और कलियां भूरे लाल रंग की हो जाती हैं। बोरोन से फसल स्वस्थ्य और पत्तियों की संख्या अधिक हो जाती है। वहीं जिंक सल्फेट तत्व की कमी के लक्षण सर्वप्रथम पत्तियों के किनारे पर आने लगते हैं और बाद में हल्की पीली धारियां शिराओं पर समानान्तर पड़ने लगती है। शीर्षस्थ कलिका की बढ़वार रुक जाती है, और बाद में पूरी पत्ती सफेद दिखने लग जाती है। गुलरिया चीनी मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) सुरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पेड़ी फसल पर गर्मी के दिनों में ब्लैक बग तथा मिलीबग का प्रकोप अधिक होता है। दोनों कीट पौधों की पत्तियों से रस चूस लेते हैं, इससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फसल कमजोर हो जाती है। इन कीटों की रोकथाम के लिए पेड़ी फसल में कॉफीडोर कीटनाशक, जिंक सल्फेट, बोरोन के साथ यूरिया को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर उचित नमीं होने पर फसल में छिड़काव करा दें, वहीं 15 जून तक दो या तीन बार यूरिया की टाप ड्रेसिंग सिंचाई के बाद अवश्य कर दें। इससे पौधों में कल्ले अधिक निकलेंगे और पौधों की बढ़वार, मोटाई और उत्पादन बढ़ेगा।
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गन्ने का सर्वे शुरू
संपूर्णानगर। स्थानीय गन्ना विकास परिषद द्वारा खीरी और ट्रांस शारदा पीलीभीत के गांवों में गन्ने के सर्वे कर कार्य शुरू हो गया है। सर्किल गन्ना पर्यवेक्षक खेतों में जाकर सर्वे कर रहे हैं। यह जानकारी परिषद के एससीडीआई एस भदौरिया ने दी। उन्होंने किसानों से अपील की वे खेतों में पहुंचकर गन्ना सुपरवाइजर के साथ रहकर गन्ने का सर्वे कराएं।
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