नवरात्र में हवन, यज्ञ और मंत्रों का जाप होगा
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में विभिन्न मामलों में बंद लोगों के जीवन में अध्यात्मिक संस्कार भरने का कारागार अधीक्षक का प्रयास रंग दिखाने लगा है। इस बार नवरात्र में जिला कारागार में आध्यात्म की गंगा बहेगी। नवरात्र पर जिला कारागार में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देगी। इस बार नवरात्र में बंदी मां दुर्गा की विशेष साधना करेंगे। जिला कारागार में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कारागार अधीक्षक आरके त्रिपाठी बंदियों में संस्कार विकसित करने के लिए उन्हें आध्यात्म की तरफ मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रयास के तहत उन्होंने बंदियों को खाली समय में भगवान श्रीराम के नाम का लेखन करने के लिए प्रेरित किया। शुरू में बंदियों ने इसमें कम रुचि ली लेकिन धीरे-धीरे बंदियों में इसके प्रति रुचि बढ़ी, आज लगभग 800 बंदी श्रीराम के नाम का लेखन कर रहे हैं। कारागार अधीक्षक का यह प्रयास सफल हुआ तो उन्होंने बंदियों में अध्यात्मिक चेतना जागृत करने के लिए जेल में कई विद्वान संतों के प्रवचन करवाए, इससे बंदियों में धार्मिक प्रवृत्ति और विकसित हुई। इस नवरात्र पर जिला कारागार में आध्यात्म का व्यापक स्वरूप देखने को मिलेगा। नवरात्र के एक सप्ताह पहले से जिला कारागार पूरी तरह अध्यात्मिक रंग में रंग जाएगा। गायत्री परिवार की तरफ से कारागार में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ किया जाएगा। यहां बंदियों को गायत्री परिवार के परिव्राजक गायत्री मंत्र के विषय में बताएंगे। ऐसे बंदियों को चिह्नित किया जाएगा जो विशेष प्रकार की साधना करना चाहेंगे। नवरात्र भर यहां वैदिक रीति से जप, तप, हवन, यज्ञ होंगे।
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तीन सौ बंदी करेंगे साधना
कारागार अधीक्षक आरके त्रिपाठी ने बताया कि बंदियों में धार्मिक आयोजनों को लेकर बहुत उत्साह है। नवरात्र पर लगभग तीन सौ बंदी व्रत रखेंगेे। गायत्री परिवार के विद्वान संतों की देखरेख में हवन, यज्ञ और मंत्र जप जैसी साधनाएं करेंगे। व्रत रखने वाले बंदियों के लिए जेल की तरफ से फलाहार की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक बैरक में पूजा की व्यवस्था कराई जाएगी।