एक भी जॉबकार्ड धारक को नहीं मिला बेरोजगारी भत्ता
सिटी रिपोर्टर
लखीमपुर खीरी। जिले में मनरेगा की खराब स्थिति सामने आ चुकी है, लेकिन एक और मामला सामने आया है। इसमें जॉबकार्ड धारक परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने के मामले में विभाग काफी पीछे रह गया है। दूसरी तरफ जाबाकार्डधारकों की डिमांड के अनुसार काम न मिलने के बावजूद बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया गया है।
बता दें कि जिले में जॉबकार्ड धारकों की संख्या 4,51,691 है। वित्तीय वर्ष 2012-13 में अप्रैल से अक्तूबर तक मनरेगा से 30,56,65000 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि 33.46 करोड़ रुपये अवशेष है। पिछले कुछ समय से करीब 350 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य लगभग बंद हो गए थे, जबकि तीन लाख से अधिक धनराशि शेष है। इस मामले में डीएम ने ऐसी ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर लोगों को रोजगार मुहैया कराने के आदेश दिए थे। सूत्रों की माने तो तमाम ग्राम पंचायतों में महीने भर से अधिक समय तक कार्य ही नहीं कराया, जिससे डिमांड करने वाले जाबकार्डधारकों को समय सीमा (15 दिन) के अंदर रोजगार नहीं मिल सका है। लिहाजा ऐसे परिवार बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार थे, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं दिया गया। सूत्रों की माने तो बेरोजगारी भत्ता प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने का प्राविधान है, लिहाजा अफसर ऐसी स्थितियों से खुद को बचाने के साथ ही डिमांड पत्र की डेट में हेरफेर कर देते हैं। बताते चलें कि मनरेगा के तहत जाबकार्डधारक परिवार को 100 दिन का रोजगार देने का प्राविधान है, लेकिन लाखों की संख्या में महज 53 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिल सका है। परियोजना निदेशक एसपी सिंह ने बताया कि अभी तक बेरोजगारी भत्ते के लिए कोई पात्र नहीं मिला है।