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तेवतिया हत्याकांड की दुबारा जांच शुरू

Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
Lakhimpur
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सदर कोतवाली के दरोगा की 10 जुलाई’09 को गोली मार कर दी गई थी हत्या
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सर्कस में ड्यूटी के दौरान कुछ युवकों ने दिया था घटना को अंजाम
एक आरोपी को पुलिस ने इनकाउंटर में मारा गिराया था
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के दरोगा जितेंद्र सिंह तेवतिया हत्याकांड की जांच फिर से शुरू हो गई है। वर्ष 2009 में सर्कस में ड्यूटी के दौरान कुछ युवकों ने दरोगा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को लखनऊ में हुए इनकाउंटर में मार गिराया था, जबकि पांच अभियुक्त जेल भेजे गए थे। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करके केस बंद कर दिया था, लेकिन एक प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए एसपी दलवीर सिंह यादव ने एक बार फिर जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की जांच का जिम्मा एएसपी सौमित्र यादव को दिया गया है।
बता दें कि बीते 10 जुलाई 2009 को राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर चल रहे सर्कस में दरोगा जितेंद्र सिंह तेवतिया ड्यूटी कर रहे थे। उस रात करीब साढ़े नौ बजे दरोगा तेवतिया का सर्कस देख रहे कुछ युवकों से विवाद हुआ था, जिसके बाद उन युवकों ने दरोगा को गोली मार दी थी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने दरोगा को मृत घोषित कर दिया था। दरोगा तेवतिया मूल रूप से मुजफ्फरनगर के शामली के रहने वाले थे। तत्कालीन जेल गेट चौकी इंचार्ज संतकुमार दुबे की ओर से दी गई तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त गौरव गुप्ता को इनकाउंटर में मार गिराया था। जबकि अन्य पांच अभियुक्त सुमित यादव निवासी हर्षी बंगला, सनी, मुन्ना, राजकुमार व रिंकू को जेल भेजा गया था। इस कार्रवाई के बाद मामला ठंडा पड़ गया था, लेकिन एक शिकायत पर फिर से इस केस के पन्ने पलटे जाएंगे।
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एक शिकायत के आधार पर मामले की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। कई बिंदुओं वाले इस प्रार्थना पत्र में जिक्र है कि दरोगा पर गोली किसी सोनू नाम के व्यक्ति ने चलाई थी, जबकि पुलिस कार्रवाई में इस नाम का उल्लेख नहीं है। जांच का जिम्मा एएसपी को सौंपा गया है।
-दलवीर सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक, लखीमपुर खीरी
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सियासी बिसात का मोहरा बना दरोगा हत्याकांड!
बसपा के कद्दावर नेता को घेरने की तैयारी
एक प्रार्थना पत्र पर बंद बोतल से बाहर आया जिन्न
लखीमपुर खीरी। दरोगा जितेंद्र सिंह तेवतिया हत्याकांड का मामला अभियुक्तों की गिरफ्तारी से थम गया था, लेकिन एक प्रार्थना पत्र के आधार पर एसपी ने दुबारा जांच के आदेश देकर ठहरे हुए पानी में हलचल मचा दी है। बसपा सरकार के समय हुई दरोगा की हत्या को लेकर पहले भी आरोप एक बसपा नेता के पुत्र पर लगे थे, लेकिन शासन-सत्ता की धमक में मामला दब गया था। तीन साल बीतने के बाद एक बार फिर से इस मामले के पन्ने पलटने की तैयारी कर सपा विपक्षियों को घेरने की पूरी कोशिश करेगी।
सदर कोतवाली में तैनात दरोगा जितेंद्र सिंह तेवतिया की हत्या उस समय कर दी गई थी, जब वह राजकीय इंटर कॉलेज के ग्राउंड पर चल रहे सर्कस में ड्यूटी कर रहे थे। दरोगा हत्याकांड के समय प्रदेश में बसपा सरकार थी। हत्याकांड के पीछे जिन युवकों के नाम प्रकाश में आए थे, उनमें एक बसपा नेता का पुत्र भी शामिल था। हालांकि उस समय पुलिस जांच में बसपा नेता के पुत्र का जिक्र नहीं था और न ही कोई कार्रवाई हुई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने की होड़ शुरू होते ही बसपा नेताओं को घेरने की कवायद चल रही है। पिछले कुछ समय में बसपा सांसद जुगुल किशोर समेत कई अन्य के खिलाफ अपहरण जैसे संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिस पर बसपा नेताओं ने सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप सपा नेताओं पर लगाया था। कुछ मामलों में कोर्ट से बसपा नेताओं ने स्टे हासिल कर राहत जरूर महसूस की थी, लेकिन दरोगा तेवतिया हत्याकांड की दुबारा जांच शुरू कराकर सपा नेताओं ने तुरुप का पत्ता फेंका है। इससे बसपा खेमे में हलचल मचने के पूरे आसार बन गए हैं, क्योंकि आगामी 18 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व मतदान कराया जाना है।
बताते चलें कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बसपा के कद्दावर नेता व सांसद जुगुल किशोर की पत्नी दमयंती किशोर काबिज हैं। इन्हें हटाने की मुहिम कई महीने पहले सपा नेताओं ने शुरू की थी, लेकिन 25 सितंबर को निर्धारित मतदान टल जाने के कारण अब 18 अक्तूबर 2012 को शक्ति प्रदर्शन होना है। सूत्रों की माने तो बसपा नेताओं के खिलाफ दबाव बनाने की पुरजोर कवायद शुरू हो चुकी है। जिस तेजी से अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, ठीक उसी रफ्तार से बसपा नेताओं को घेरने की मुहिम चल रही है।
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बसपा नेता के पुत्र समेत साथियों पर हत्या का आरोप
इस मामले की जांच कर रहे एएसपी सौमित्र यादव ने बताया कि मैलानी के एक व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि दरोगा तेवतिया हत्याकांड में बसपा नेता के इशारे पर उनके पुत्र व साथियों को बचाया गया था, जबकि दरोगा पर गोली बसपा नेता के पुत्र ने चलाई थी। एएसपी ने बताया कि इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
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