अब 31 मार्च तक सब्सिडी पर मिलेंगी सिर्फ तीन रिफिल
गैर सब्सिडी रिफिल का मूल्य बढ़ा, अब मिलेगा 900 में
लखीमपुर खीरी। रसोई गैस की सब्सिडी सीमित होने के बाद उपभोक्ताओं के सामने केवल जेब ढीली होने की समस्या नहीं बल्कि छह सिलेंडरों के बाद गैस रिफिल हासिल करने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रिफिल की बुकिंग के पहले पूरा खाता खंगालने के बाद ही रिफिल बुक हो पाती है। नए कनेक्शन अव्वल तो हो ही नहीं रहे हैं जो हो भी रहे हैं उनमें इतनी छानबीन की जाती है जितनी कि पासपोर्ट और वीजा बनाने में भी नहीं होती।
छह सिलेंडरों के बाद रसोई गैस पर सब्सिडी सीमित करने के पहले से ही लखीमपुर की गैस एजेंसियों ने फर्जी कनेक्शनों पर अंकुश लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके तहत प्रत्येक उपभोक्ता को अपनी आईडी और नवीनतम फोटो गैस एजेंसी को उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया। इससे तमाम फर्जी कनेक्शनों पर अंकुश लगा। यह प्रक्रिया रसोई गैस पर सब्सिडी सीमित होने के बाद और तेज हो गई है।
गैस एजेंसिंया 14 सितंबर 2012 के बाद से 31 मार्च 2013 तक केवल तीन और सिलेंडर देने की बात कह रही हैं। गैस एजेंसियों ने कंप्यूटराइज सिस्टम लगा रखे हैं। यहां बुकिंग तो फोन पर हो रही है। बुकिंग कराते समय उपभोक्ता को गैस आपूर्ति की सूचना दे दी जाती है कि बुक किए जा रहे इस सिलेंडर के बाद उन्हें केवल दो सिलेंडर और सब्सिडी पर मिल सकेंगे। इसके बाद नए निर्धारित रेट पर रसोई गैस मिल सकेगी।
भारत गैस एजेंसी के मालिक बताते हैं कि अब तक लखीमपुर में सब्सिडी पर गैस 400 रुपये प्रति सिलेंडर है। जबकि गैर सब्सिडी वाली रिफिल का मूल्य एक अक्तूबर से लखीमपुर के लिए 900.50 पैसे निर्धारित हुआ है। इनके अलावा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों, मध्याह्न भोजन और जेल में आपूर्ति के लिए जो गैस 1032 रुपये में मिलती थी वह एक अक्तूबर से 1182 रुपये में मिलेगी। इसी तरह 1499 में मिलने वाली व्यावसायिक गैस का मूल्य 1499 से बढ़कर 1707 रुपये हो गया है। एजेंसी मालिक ने बताया कि गैर सब्सिडी गैस का मूल्य समय-समय पर बाजार मूल्य के अनुसार निर्धारित होगा।
00000
‘दस सिलेंडरों तो सब्सिडी पर मिलना ही चाहिए’
प्रत्येक घर में कम से कम एक साल में 10 गैस सिलेंडरों की तो जरूरत होती ही है। अब केवल सब्सिडी पर छह सिलेंडर मिलने से कम से कम चार सिलेंडर तो ज्यादा कीमत पर खरीदने होंगे। इससे रसोई के बजट पर भारी भार पड़ेगा जो पूरी तरह गलत है।
-अनिता कुदेशिया, गृहणी, महाराजनगर, लखीमपुर
00000
‘गरीबों की कमर तोड़ देगी महंगाई’
गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी सीमित कर सरकार ने आम आदमी और गरीबों की कमर ही तोड़ दी है। छह सिलेंडर के बाद दूने से भी ज्यादा मूल्य पर गैस खरीद पाना आम आदमी के लिए कितना कष्टकारी होगा। यह केवल गरीब ही बता सकता है। सत्ता में बैठे कुछ पूंजीपति नहीं।
-संतोष वर्मा, गृहणी, शाहपुरा कोठी, लखीमपुर