बारिश से बचाने को बांस-बल्ली व तिरपाल का सहारा
लखीमपुर खीरी। सरकार की गेहूं खरीद पर भंडारण की समस्या भारी पड़ रही है। गोदाम फुल होने के साथ ही भंडारण की समस्या को देखते हुए सड़क पर भंडारण करने की तैयारी चल रही है। डिप्टी आरएमओ आरबी प्रसाद ने भंडारण को लेकर चल रही तैयारियाें के बारे में ऐसे ही संकेत दिए हैं। वहीं एसडब्ल्यूसी मैनेजर को बांस-बल्ली व तिरपाल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
मालूम हो कि इस वर्ष 220423 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रतिवर्ष लक्ष्य बढ़ाया जा रहा है, लेकिन भंडारण क्षमता को बढ़ाने की दशा में कोई प्रयास नहीं किए गए। लिहाजा भंडारण की अफसरों के गले की हड्डी साबित हो रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 25 फीसदी ही गेहूं खरीद हुई है। ऐसे में अफसरों के हाथ पैर फूलना लाजिमी हो गया है। डिपो व इंडस्ट्रियल एरिया में गोदाम फुल हो चुके हैं। अब यहां की सड़कों पर गेहूं भंडारण करने की योजना बनाई गई है। बारिश में सड़कों पर गेहूं कितना सुरक्षित रहेगा, यह अभी भविष्य का प्रशभन बन गया है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया की सड़क पर 1500 एमटी, लखीमपुर मंडी में 1500 एमटी व गोला मंडी में 20 हजार एमटी गेहूं भंडारण किया जाएगा। चावल मिलों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। डिप्टी आरएमओ आरबी प्रसाद ने बताया कि सड़क पर भंडारण तभी शुरू होगा, जब एसडब्ल्यूसी बांस-बल्ली व तिरपाल की व्यवस्था कर लेगा।