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शारदा और घाघरा का जलस्तर घटा, प्रवाह तेज

Mon, 18 Aug 2014 05:30 AM IST
Lakhimpur
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- गांव खाली कराने में जुटा प्रशासन, बरेली और सीतापुर से पहुंची एक-एक प्लाटून पीएसी

क्रासर
- नाव दुर्घटना में एक मौत और छह लोग डूबने के मामले में प्रशासन ने साधी चुप्पी

अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी/धौरहरा/ तिकुनियां। पलिया और तिकुनियां में शारदा नदी और धौरहरा नदी में घाघरा का जलस्तर घट रहा है लेकिन प्रवाह तेज होने के कारण प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मर्चाई है। 19 गांवों की करीब सात हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है। इस बीच धौरहरा क्षेत्र में हुई नाव दुर्घटना में एक की मौत और छह लोगों के घाघरा नदी में बहने के मामले में तहसील प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैै। इन लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रभावित गांवों को खाली कराया जा रहा है।
धौैरहरा क्षेत्र के धारीदासपुरवा, भटपुरवा, बिंजहा, कुर्मिनपुरवा, मिश्रीपुरवा, देवमनिया, खुटहापुरवा और ईसानगर क्षेत्र के मोचनापुर, मांझा सुमाली, कैैरातीपुरवा, खजुहा, लौकाही, मल्लापुर, मठपुरवा, एडौैरा, कैरातीपुरवा, मल्लापुर, ठुठवा, बंशीबेली सहित गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें धारीदासपुरवा और खुटहापुरवा में लोग छतों पर शरण लिए हुए हैं। वहीं मांझा सुमाली के लोगों को रविवार को भी एनडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट की से लोगों को गांव से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उधर, शनिवार को धौरहरा क्षेत्र में नाव पलटने से घाघरा नदी में बह जाने वाली फूलमती (40) पत्नी शिवपूजन और उसकी दो बेटियां 14 वर्षीय कोयल और 12 वर्षीय पूजा निवासी मांझा सुमाली, 45 वर्षीय सोनेलाल निवासी मोचनापुर, 32 वर्षीय उमेश निवासी अमेठी तथा 38 वर्षीय राम प्रसाद निवासी मांझा सुमाली का रविवार को भी कुछ पता नहीं चल सका।
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तिकुनियां और बेलरायां से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल बार्डर की मोहाना नदी में मिलकर बह रही नेपाल की करनाली नदी का पानी भी घटने लगा है। तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांव खैरटिया, रायपुर, मुंजहा, बनवीरपुर, खमरिया, रमुवापुर, मूर्तिहा, मंझरा, बाबापुरवा, सूरतनगर, कोल्हौरी, दाराबोझी सुथना, सहित दो दर्जन गांवों का जायजा लेकर बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल व पूड़ी सब्जी देकर राहत प्रदान की है। रमियाबेहड़ ब्लाक प्रमुख अजय वर्मा ने धारीदासपुरवा और बाछेपारा में लंच पैकेट बटवाए, जबकि विधायक शमशेर बहादुर ने सिद्धनपुरवा, मिलिक, मोचनापुर, रेडौरा, बाछेपारा, खुटौहा में दौैरा कर लोगों का हाल जाना और मदद का आश्वासन दिया।


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2.12 करोड़ की फसलों के नुकसान का अनुमान
लखीमपुर तहसील क्षेत्र में 3617 हेक्टेअर, निघासन क्षेत्र में 4120 हेक्टेअर, धौरहरा क्षेत्र में 12677 हेक्टेअर, गोला में 380 हेक्टेअर, पलिया क्षेत्र में 76 हेक्टेअर फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। जिला प्रशासन ने धौैरहरा क्षेत्र में 2.11 करोड़ और गोला क्षेत्र में एक लाख रुपये की फसल के नष्ट होने का अनुमान व्यक्त करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी है। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि अन्य तहसीलों में हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
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बाढ़ से अब तक नुकसान
क्षतिग्रस्त मकान 218
क्षतिग्रस्त मकानों की अनुमानित लागत 99.13 लाख
जनहानि 8
पशुहानि 4
बाढ़ प्रभावित जनसंख्या 1.19 लाख
जलमग्न गांवों की संख्या 73
वितरित गृह अनुदान 8.98 लाख
वितरित अनुग्रह अनुदान 9 लाख
कुल क्षति का अनुमान 310 लाख

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एडीजी कानून व्यवस्था ने देखे बाढ़ के हालात
- बोले, 12 लोगों में से 10 अब भी लापता
लखीमपुर खीरी (ब्यूरो)। एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने रविवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के हालात देखे। साथ ही बाढ़ में डूबे लोगों की तलाश में की जा रही कोशिशों की भी समीक्षा की। अपरान्ह करीब चार बजे गोयल परसा गांव पहुंचे, जहां से जालिमनगर पुल गए और प्रवाह का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ गई टीम ने बाढ़ पीड़ितों को करीब 300 लंच पैैकेट बंटवाए।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि धौरहरा क्षेत्र से लापता छहों लोगों का अभी पता नहीं चल सका है। इसके अलावा 14 अगस्त की देर शाम निघासन क्षेत्र में हुए नाव हादसे में तीन लोग और फूलबेहड़ क्षेत्र के मेंहदी गांव में बाइक सहित रपटापुल में बहे युवक का भी पता नहीं लग पाया है, जबकि निघासन के नाव हादसे में डूबे युवक का शव 14 अगस्त को ही बरामद कर लिया गया था। धौरहरा तहसील में बाढ़ के पानी में डूबे विशेश्वर का शव भी शनिवार की रात ही तलाश लिया गया। एडीजी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में एनडीआरएफ की एक कंपनी और पीएसी के जवानों को लगाया गया है। यहां मौजूद एसपी अरविंद सेन ने बताया कि बरेली व सीतापुर से एक-एक प्लाटून पीएसी मिली है, जिन्हें एनडीआरएफ के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए लगाया गया है।


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ऊपर तक सही सूचनाएं नहीं दे रहा तहसील प्रशासन

क्रासर....
- विश्वेश्वर की मौत को बाढ़ से नहीं माना
- राहत आयुक्त को भेजी रिपोर्ट में छह लोग बहने का भी जिक्र नहीं

लखीमपुर खीरी (ब्यूरो)। जिले में बाढ़ से र्हुई मौतों के मामले में प्रशासन कोताही बरत रहा है। मौतों के आंकड़ों को कम करने की कोशिश कहें या फिर दैवीय आपदा मद से दी जाने वाली राहत राशि को सुरक्षित करने का प्रयास। धौैरहरा क्षेत्र में शनिवार की शाम को घर का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय रास्ते में बाढ़ के पानी में डूबकर मौत का शिकार हुए 45 वर्षीय विशेश्वर का मामला तहसील प्रशासन ने अपने रिकार्ड में दर्ज नहीं किया है। प्रशासन का तर्क है कि उसकी मौत बाढ़ से नहीं, बल्कि शौच के लिए जाते समय र्हुई है।
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17 अगस्त को राहत आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में विशेश्वर की मौत का जिक्र नहीं किया गया है और न ही नाव हादसे में छह लोगों के लापता होने की सूचना दी गई हैै। रिपोर्ट पर गौर करें, तो जिले में अभी तक बाढ़ के पानी में डूबने से आठ लोगों की मौत हुई है। हालांकि अधिकारी मौखिक सूचना होने और उच्चाधिकारियों को देने की बात कह रहे हैं।
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