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दूसरे दिन 98 वादों का निस्तारण

Fri, 12 May 2017 11:29 PM IST
लख्ाीमपुरख्ाीरी
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डीआईओएस और दो वीडीओ पर 25-25 हजार जुर्माना
जनसूचना एवं अपील अधिकारियों के साथ की बैठक 


राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने दो दिवसीय सुनवाई के दूसरे दिन सूचना के अधिकार अधिनियम के कुल 102 लंबित मामलों की सुनवाई की। इसमें 98 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। चार मामलों में दो अगस्त की तारीख दी गई हैं। इनकी सुनवाई लखनऊ में की जाएगी। उन्होंने 11 मई की सुनवाई के दौरान नौ मामलों में शुक्रवार सुनवाई की डेट दी थी, उन मामलों की सुनवाई कर उनका भी निस्तारण किया गया। 
वादों की सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने जनसूचनाधिकरियों और अपीलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के सिद्धांत पर कार्य करता है। शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व का निर्वहन अवश्य होना चाहिए। उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण जिलों में जाकर कैंप के माध्यम से किया जाए। जिससे लोगों को लखनऊ आने पर समय और धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि आरटीआई एक्ट के तहत जो भी सूचना मांगी जाए उसे समय से अवश्य उपलब्ध करा दिया जाना चाहिए। 
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विष्ट ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था में अगर पारदर्शिता और जिम्मेदारी हो तो प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहती है। आईटीआई के प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण करने से काफी समस्याएं सुलझ सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस जिले में अच्छा कार्य हुआ है। उन्होंने डीएम आकाशदीप की प्रशंसा की। दो दिनों की सुनवाई में कुल 206 वादों की सुनवाई हुई जिसमेें 201 वादों का मौके पर निस्तारण किया गया है। 
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जनसुनवाई के दूसरे दिन ब्लॉक बिजुआ के ग्राम पंचायत बगियाखेड़ा के ग्राम पंचायत अधिकारी अनुज कुमार वर्मा पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। इसी के साथ ब्लाक ईसानगर के ग्राम पंचायत दरिगापुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी हरवंश लाल ने स्थानांतरण के बाद वर्तमान ग्राम पंचायत अधिकारी को चार्ज नहीं दिया। जिसपर पर पूर्व में ही डीपीआरओ उन्हें सस्पेंड कर चुके हैं। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए और 25 हजार का जुर्माना लगाया। वहीं डीआईओएस पर भी 25 हजार का जुर्माना ठोका है। 
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