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ऐरा चीनी मिल ने सात करोड़ की हेराफेरी की, नोटिस

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लखीमपुर खीरी। गन्ना किसानों को समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए ऐरा समेत चार मिलों की चीनी अभिरक्षा में लेकर एस्क्रो अकाउंट खोले गए हैं। ताकि चीनी बिक्री से प्राप्त रकम को इस अकाउंट में जमा करके सीधे गन्ना किसानों को भुगतान किया जा सके। ऐरा मिल ने सरकार की व्यवस्था में सेंध लगाते हुए चीनी बिक्री से प्राप्त सात करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। यह रकम एस्क्रो अकाउंट में जमा न करके दूसरे मदों में खर्च के लिए डायवर्ट कर दी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने चीनी मिल अध्यासी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है, साथ ही सात करोड़ रुपये किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
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ऐरा मिल की चीनी को एसडीएम, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और मिल अध्यासी की संयुक्त अभिरक्षा में रखा गया है। चीनी बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि में से 85 प्रतिशत धनराशि को ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और अध्यासी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित एस्क्रो अकाउंट में जमा किया जाता है। फिर इसी अकाउंट से सिर्फ गन्ना किसानों को भुगतान किया जाता है। सूत्र बताते हैं कि दिसंबर, जनवरी में ऐरा मिल ने करीब सात करोड़ रुपये की चीनी बेची, जिससे प्राप्त धनराशि को एस्क्रो अकाउंट में जमा नहीं किया गया। चीनी उठान होने के बाद एस्क्रो अकाउंट में पैसा जमा न होने पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने एसडीएम धौरहरा और जिला गन्ना अधिकारी को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मामला गन्ना आयुक्त तक पहुंचा।

डीसीओ की अगुवाई में कमेटी ने की जांच
सात करोड़ की हेराफेरी का मामला गन्ना आयुक्त के संज्ञान में आने के बाद डीएम ने डीसीओ की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की, जिसमें सीतापुर के सहायक चीनी आयुक्त राजेश वर्मा, बेलरायां मिल के मुख्य लेखाकार रवि चौधरी, गोला के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमर प्रताप सिंह, खांडसारी अधिकारी चंद्र मोहन उपाध्याय शामिल थे। कमेटी ने 31 जनवरी को ऐरा मिल में चीनी गोदाम से चीनी बिक्री, शीरा, बगास और प्रेसमड बिक्री की गहनता से जांच की और संबंधित अभिलेखों को कब्जे में लिया था। कई दिनों तक जांच के बाद सात करोड़ रुपये की चीनी बिक्री कर प्राप्त धनराशि को एस्क्रो अकाउंट में जमा न कराए जाने की पुष्टि हुई है।
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जांच पूरी होने के बाद सात करोड़ रुपये एस्क्रो अकाउंट में जमा न कराने का मामला पकड़ में आया है। यह भी पता चला है कि पिछले वर्ष की चीनी का स्टॉक बेचा गया था। मिल प्रबंधन ने चीनी बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि में से 85 प्रतिशत हिस्सा एस्क्रो अकाउंट में जमा न करके नियमों का उल्लघंन किया है। डीएम की ओर से अध्यासी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। साथ ही उस रकम को तत्काल एस्क्रो अकाउंट में जमा कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी

पिछले वर्ष का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। इसलिए पुरानी चीनी बिक्री का पैसा दूसरे मदों के बकाया भुगतान में उपयोग किया गया है। नियमों का पालन किया जा रहा है।
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आलोक सक्सेना, यूनिट हेड, ऐरा मिल
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