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बाजार में बिकने लगी सिंथेटिक और मिलावटी मावा से बनी मिठाइयां

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लखीमपुर खीरी। दिवाली और भैयादूज पर मिठाई की सबसे ज्यादा खपत के चलते जबरदस्त डिमांड रहती है। धनतेरस के साथ ही मिठाइयों का बाजार सज चुका है। ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं, जो मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर सकते हैं। सिंथेटिक और मिलावटी मावा से तैयार की गई मिठाइयां बाजार में आ गई है, जिन्हें सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल कर आकर्षक बनाया गया है। इन्हें देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ जाए, लेकिन यह मिठाइयां आपकी सेहत को बिगाड़ सकती हैं।
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त्योहार पर मिठाई की मांग और मौके का फायदा उठाने की फितरत का नतीजा है मिलावट, जो सेहत पर भारी पड़ सकती हे। नकली मावा से बनी मिठाइयां सेहत के लिए काफी हानिकारक होती हैं, जिसमें मिलावट के लिए यूरिया, कास्टिक सोडा और डिटरजेंट का इस्तेमाल किया जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सूत्र बताते हैं कि मिलावट को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह रोक लगाना काफी मुश्किल है। मांग और आपूर्ति के भारी अंतर, मौके का फायदा उठाने के लालच में मिलावट का नासूर बढ़ता जा रहा है। बाजार में रंग-बिरंगी खुली मिठाई के अलावा पैकेट बंद मिठाइयों का प्रचलन बढ़ा है। इस बार विभिन्न ब्रांड नाम की मिठाइयां बड़े पैमाने पर बाजार में उतारी गई हैं, जिन्हें खोलकर नहीं देखा जा सकता।

मिलावटी मिठाई से अल्सर की बीमारी
आहार विशेषज्ञ दिव्या चतुर्वेदी ने बताया कि मिठाइयां आकर्षक नजर आएं, जिसके लिए रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार सस्ते रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत पर प्रतिकूल असर डालते हैं। सिंथेटिक दूध से तैयार की गई मिठाइयों में यूरिया, कास्टिक सोडा और डिटरजेंट की मात्रा होती है। इससे आहार नलिका में अल्सर उत्पन्न हो जाते हैं और गुर्दे को क्षति पहुंचती है।
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चॉकलेट भी हुई मिलावटी
पिछले कुछ सालों से चॉकलेट का गिफ्ट के तौर पर आदान प्रदान बढ़ा है। सूत्र बताते हैं कि बड़े बांड के नाम पर नकली चॉकलेट बाजार में आ गई है, जिसे बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि खाद्य सुरक्षा टीम ने अभी तक चॉकलेट के नमूने नहीं भरे हैं और न ही कोई जांच कराई गई है।

दिवाली के चलते मिठाइयों की डिमांड ज्यादा होने से मिलावटी मावा से मिठाई बनाने की संभावनाएं रहती हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा टीमें बाजार में जाकर छापामार कार्रवाई कर रहीं हैं। दर्जनों दुकानों से मिठाइयों के नमूने लेकर जांच को लैब भेजे गए हैं। मिलावटी मिठाइयों से बचने के लिए विश्वसनीय दुकान से ही मिठाई खरीदें।
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एके सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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