बांकेगंज सीएचसी अधीक्षक रिटायर हो चुके एक स्वास्थ्य कर्मचारी से लिपिक के पद का कार्य करवा रहे हैं। जबकि लिपिक पद पर सीएमओ ने कुंभी पीएचसी में तैनात लिपिक को सीएचसी से अटैच करने का आदेश जारी किया है। सीएमओ का निर्देश दरकिनार कर सीएचसी अधीक्षक द्वारा की जा रही मनमानी बांकेगंज सीएचसी से लेकर सीएमओ कार्यालय तक खासी चर्चित है।
सीएमओ कार्यालय फूलबेहड़ सीएचसी में तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संतकुमार बाजपेई पर इतना मेहरबान हुआ कि उन्हें फूलबेहड़ सीएचसी के साथ- साथ बांकेगंज सीएचसी के लिपिक पद का चार्ज दे दिया। इससे यह दोनों जगहों पर लिपिक के पद का कार्य करने लगे। संतकुमार बाजपेई जुलाई में रिटायरमेंट हो गए। इनके रिटायर हो जाने पर सीएमओ डॉ.मनोज अग्रवाल ने कुंभी पीएचसी पर तैनात लिपिक निकित रस्तोगी को बांकेगंज सीएचसी से अटैच कर दिया, लेकिन सीएचसी अधीक्षक की मेहरबानी के चलते संत कुमार बाजपेई ने निकित रस्तोगी को चार्ज न देकर घर से ही सीएचसी चलाने लगे। सीएचसी के लोगों का कहना है कि जुलाई में रिटायर हो चुके हैं और सीएचसी का कार्य अभी भी कर रहे हैं, लेकिन वह सीएचसी न आकर घर से ही कार्य निपटा रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही सीएचसी का चार्ज संभाला है। जानकारी होते ही संतकुमार बाजपेई को संबंधित लिपिक को चार्ज सौंपने के लिए लिखा भी है। इसके बावजूद यदि वह चार्ज नहीं देते हैं तो फिर सीएमओ को लिखा जाएगा। डॉ.सुशील कुमार, अधीक्षक सीएचसी बांकेगंज