लखीमपुर खीरी। सूर्य की उपासना का विशेष पर्व छठ पूजा 24 अक्तूबर से शुरू हो रहा है, लेकिन अब तक सेठघाट की सफाई तक शुरू नहीं हो सकी है। दो दिन बचे हैं, लेकिन सेठघाट गंदगी से पटा पड़ा है। सवाल है कि आखिर दो दिन में इसकी सफाई कैसे हो सकेगी।
बिहार और पूर्वांचल के इस मुख्य त्योहार को खीरी जिले में भी महिलाएं और पुरुष परंपरागत ढंग से मनाते हैं। सुख समृद्धि की कामना के साथ ही बेटों की दीर्घायु को लेकर महिलाएं यह व्रत रखती हैं। शहर से सटे सेठघाट में सूर्य को अर्घ्य देकर उपासना की जाती है। दिवाली की छुट्टियों के कारण इस बार अब तक सेठघाट की सफाई शुरू नहीं हो सकी है। शनिवार को समाजसेवी मृगांक शेखर समेत कई लोगों ने सेठघाट पर जाकर सफाई व्यवस्था शुरू न होने पर नाराजगी जताई और ईओ से बात भी की। उनका कहना है कि दो दिन शेष हैं। ऐसे में महज दो दिनों में सेठघाट को पूजा के योग्य कैसे बनाया जा सकेगा। उन्होंने तत्काल सेठघाट की सफाई कराने की मांग की।
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चार दिनों तक होता है पर्व
छठ पूजा चार दिनों का पर्व है। छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक महीने के दूसरे पखवाड़े की चतुर्थी से होता है। इस पर उदया में चतुर्थी मंगलवार को पड़ रही है, इसलिए पहले दिन मंगलवार को नहाय खाय से इस पर्व की शुरुआत होगी। दूसरे दिन बुधवार को खरना होगा। तीसरे दिन गुरुवार को दिनभर खरना का व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को सेठघाट पर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। चौथे दिन शुक्रवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस व्रत का समापन होगा।
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वर्जन....
छठ पूजा से पहले सेठघाट की सफाई करवाकर चमका दिया जाएगा। दिवाली की छुट्टी के कारण इस बार सफाई की शुरुआत में देरी हुई, लेकिन मंगलवार से पहले व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी।
-अखिलेश त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, लखीमपुर