लखीमपुर खीरी। शिकायतों को उसी दिन निस्तारित कराने के लिए प्रदेश सरकार जोर दे रही है, ताकि लोगों को समय पर उचित न्याय मिल सके। वहीं अधिकारियों ने बिल्कुल ही फटाफट अंदाज में शिकायतों को कागज पर ही निपटाने का फार्मूला खोज निकाला है, जिसमें न तो जांच हुई न ही कोई कार्रवाई। बस एक जवाब पर ही शिकायत मात्र कागज का टुकड़ा बनकर रह गई। इसका खुलासा बीएसए कार्यालय में अटैच कनिष्ठ सहायक कमलेश्वर को रिलीव कराने को लेकर की गई एक जन शिकायत के निस्तारण से हुआ है।
बता दें कि राजकीय इंटर कॉलेज धौरहरा के कनिष्ठ सहायक कमलेश्वर को एक साल पहले (18 जून 2016) जेडी के आदेश पर बीएसए कार्यालय में अटैच किया गया था। करीब डेढ़ माह पहले कनिष्ठ सहायक के खिलाफ शिक्षक संगठन के एक पदाधिकारी ने बीएसए कार्यालय में पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद जीआईसी के सहायक को यहां अटैच करने पर सवाल खड़े किए थे। इस पर जेडी दीपचंद ने 11 मई 2017 को ही पूर्व में किए गए आदेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही बीएसए और डीआईओएस को कनिष्ठ सहायक कमलेश्वर को उसी बीएसए कार्यालय से कार्यमुक्त (रिलीव) करने के आदेश दिए थे।
काफी दिन बीतने के बाद भी कनिष्ठ सहायक को रिलीव न किए जाने पर चहमलपुर के राम श्री पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने 19 मई 2017 को डीएम से शिकायत की थी। इसके बाद शिकायत को आईजीआरएस पर अपलोड कराते हुए डीएम आकाशदीप ने मामले को निस्तारित करने के निर्देश बीएसए को दिया था। बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने सात जून 2017 को शिकायत को निक्षेपित करने योग्य बताते हुए आख्या डीएम को प्रेषित कर दी, जिसमें हवाला दिया कि कनिष्ठ सहायक को कार्यमुक्त करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम स्तर से भी आठ जून 2017 को शिकायत में निस्तारित की रिपोर्ट लगा दी गई।
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फिर भी नहीं किया रिलीव
इस शिकायत का 20 दिन के अंतराल में कागज पर ही फटाफट अंदाज में निस्तारण कर दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। जिस कनिष्ठ सहायक को रिलीव करने में की जा रही लेटलतीफी पर बीएसए भी सवालों के घेरे में हैं, जो अभी तक महत्वपूर्ण पटलों का कामकाज संभाले हुए हैं। वहीं कई बाबुओं को कोई काम नहीं दिया जा रहा।
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मामला संज्ञान में है। संबंधित कनिष्ठ सहायक का चार्ज दूसरे कर्मचारी को दिलाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसके बाद उसे रिलीव कर दिया जाएगा।
संजय कुमार शुक्ला, बीएसए
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ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है। यदि निस्तारित शिकायत में लापरवाही बरती गई है, तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
आकाशदीप, डीएम
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अमित