लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लाक की ग्राम पंचायत अछनिया में कुछ वर्ष पूर्व मनरेगा में हुए लाखों के गबन मामले में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने वसूली करने के आदेश दिए हैं। तत्कालीन सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) के वेतन से गबन की गई कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि की वसूली की जाएगी। जबकि गबन की गई आधी धनराशि की वसूली तत्कालीन ग्राम प्रधान से की जाएगी।
अछनिया निवासी जमाल खां ने अप्रैल 2017 में जनहित याचिका के जरिए ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये गबन किए जाने का आरोप लगाया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच कराने के आदेश डीएम को दिए थे। डीएम ने डीआरडीए के तकनीकी अनुदेशक, जल निगम के सहायक अभियंता, नेडा के परियोजना अधिकारी और तत्कालीन डीपीआरओ की संयुक्त समिति गठित कर जांच कराई। जांच में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने तत्कालीन प्रधान अय्यूब खां से जवाब तलब किया, जिसके बाद आरोप तय करते हुए डीएम ने वसूली की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि अछनिया में बघइया तालाब की खुदाई और सुधार कार्य के नाम पर 1,64,243 रुपये खर्च दिखाया गया, लेकिन मौके पर कार्य नहीं कराया गया। जवाब मांगने पर कार्रवाई से बचने के लिए प्रधान ने कार्य का नाम बदल लिया, लेकिन चालाकी काम नहीं आई और पकड़े गए। इसी गांव में पेना तालाब की खुदाई और सुधार कार्य के नाम पर 3,89,933 रुपये व्यय किया गया, जिसमें 75351 रुपये सामग्री व्यय दर्शाया गया लेकिन इसके बिल बाउचर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसलिए प्रधान और सचिव को 75351 रुपये गबन का दोषी पाया गया। इसी तरह मजरा चांदापुर में सूबेदार के मकान से रामचंद्र के मकान तक खड़ंजा और नाली निर्माण के नाम पर 1,82,865 रुपये खाते से निकाल लिए गए, जबकि यह निर्माण कार्य कराया ही नहीं गया। लिहाजा इस मामले मे भी प्रधान और सचिव को गबन का दोषी पाया गया।
अछनिया में कुल 4,22,459 रुपये गबन किए जाने की पुष्टि हुई है, जिसके लिए तत्कालीन प्रधान अय्यूब खां और सचिव इबरार हुसैन को दोषी पाया गया है। डीएम ने तत्कालीन प्रधान से 2,11,229 रुपये की वसूली भू-राजस्व की भांति करने के लिए मितौली तहसील के प्रभारी अधिकारी (संग्रह)व को और तत्कालीन सचिव इबरार हुसैन अंसारी से 2,11,229 रुपये की वसूली डीडीओ को करने के आदेश दिए गए हैं।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ