काशीपुर में रात भर बैठा रहा बाघ
ममरी (लखीमपुर खीरी)। मंगलवार रात ग्राम पंचायत ग्रंट डाटपुर के मजरा काशीपुर गांव की आबादी में जा पहुंचा बाघ माधौराम की थनियां के नीचे पशु बांधने वाले स्थान पर रात भर बैठा रहा। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह गन्ने में चला गया। बाघ को आबादी के करीब देख गांव वालों में दहशत है। बाघ के गांव में पहुंचने, पगचिन्ह मिलने की पुष्टि वनकर्मियों ने की है।
मंगलवार की रात वनरेंज मोहम्मदी-महेशपुर की देवीपुर बीट के जंगल से तीन किमी दूर काशीपुर गांव की आबादी के करीब जा पहुंचा बाघ माधौराम के पशु बांधने के स्थान पर खड़ी बांस की थनियां के नीचे रात भर शिकार के इंतजार में बैठा रहा, जिसे देख गांव वालों के होश उड़ गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ वहां से उठकर गन्ने में चला गया। बुधवार सुबह उसके पगचिन्ह थनियां के नीचे बने मिले। आबादी के करीब बाघ के पहुंचने से गांव वालों में दहशत फैल गई है।
प्रधान हंसराम की सूचना पर पहुंचे देवीपुर बीट फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक विनीत सिंह ने बाघ के आबादी में पहुचंने, पगचिन्ह मिलने की पुष्टि कर बताया कि गन्ने का एरिया अधिक होने से बाघ रात में रास्ता भटक कर वहां जा पहुंचा होगा, जिसकी निगरानी कराई जा रही है।
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वन अधिकारियों ने रात में की कॉबिंग
ममरी। मंगलवार की शाम वनरेंज महेशपुर पहुंचे एसडीओ रविशंकर शुक्ला ने रेंजर बनारसीदास शाक्य, रविकांत वर्मा, फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक विनीत सिंह आदि वनकर्मियों के साथ रात 10बजे तक बाघ प्रभावित क्षेत्र बालकदास बाबा स्थान से लेकर घमहाघाट निवासी सरदार लालसिंह, मक्खन सिंह, जोगा सिंह, बलिहार सिंह आदि झालों का भ्रमण कर निरीक्षण किया और झाला वासियों को बाघ से बचाव के जरूरी निर्देश दिए। अधिकारी ने उनका दु:खड़ा भी सुना और इस बाबत ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है।