18एलकेएच08, 11
स्वरोजगार से कामयाबी....
एक लाख से अधिक यूनीफार्म की सिलाई कर महिलाओं ने छुआ सफलता का शिखर
क्रासर.......
285 समूहों की 757 महिला सदस्यों ने 72 हजार के लक्ष्य को किया क्रास
192 गांवों के 290 विद्यालयों के 50399 बच्चों की सिली यूनीफार्म
अमित गुप्ता
लखीमपुर खीरी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों ने एक लाख से अधिक यूनीफार्म की सिलाई करके सफलता की नई ऊंचाइयों को छू लिया है। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को वितरित की जाने वाली 72 हजार यूनीफार्म की सिलाई का लक्ष्य दिया गया। पहले कुछ दिन तक विभिन्न तरीके की मुश्किलें नजर आईं, लेकिन सीडीओ रवि रंजन ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से ब्लाक स्तर पर महिलाओं को यूनीफार्म सिलाई का प्रशिक्षण दिलाया। इसके बाद 285 समूहों की 757 महिला सदस्यों ने यूनीफार्म की सिलाई को बखूबी अंजाम देते हुए 1,00,798 यूनीफार्म की सिलाई करके प्रदेश स्तर पर नई पहचान कायम कर ली है।
जिला मिशन प्रबंधन इकाई ने इससे पहले भी ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को जोड़कर एसएचजी और ग्राम संगठनों के माध्यम से संस्थागत ढांचा का निर्माण करके आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराएं हैं, जिसमें सोलर स्टडी लैैंप निर्माण, आधुनिक खेती, शौचालय निर्माण आदि कार्य शामिल हैं। पिछले वर्ष 2017-18 में एसएचजी ग्रुप की महिलाओं को यूनीफार्म सिलाई का काम मिला था, लेकिन तब 10 हजार यूनीफार्म की सिलाई कर सकी थीं। इस वर्ष सीडीओ रवि रंजन की अध्यक्षता में समिति गठित करके समूहों की सक्रियता के अनुसार लक्ष्य का आवंटन किया गया। नान इंटेसिव ब्लाकों को दो-दो हजार और इंटेसिव ब्लाक ईसानगर को 10 हजार, निघासन को 20 हजार, पलिया को 10 हजार, रमियाबेहड़ को पांच हजार, लखीमपुर को पांच हजार और मितौली को चार हजार यानी कुल 72 हजार यूनीफार्म सिलाई करने का लक्ष्य दिया गया। सीडीओ ने उपायुक्त निर्मल द्विवेदी और बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह को निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ब्लाकों पर प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और एसएचजी ग्रुप के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद बेहतर तालमेल और आवश्यक सामग्री आसानी से सुलभ होने पर महिला सदस्यों ने 15 ब्लाकों में 192 ग्राम पंचायतों के 290 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की यूनीफार्म की सिलाई की।
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प्रति यूनीफार्म 60 रुपये मिली सिलाई
महिलाओं को प्रति यूनीफार्म की सिलाई के तौर पर 60 रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया, जिससे प्रति महिला सदस्य को करीब आठ हजार रुपये शुद्ध आय हुई है। इसके अलावा समूहों को यूनीफार्म का कपड़ा खरीदने समेत सिलाई के लिए एक करोड़ 55 लाख 35 हजार 700 रुपये का भुगतान किया गया है, जिससे समूहों की बैलेंस सीट बेहतर हुई है।
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ब्लाकवार सिली गई यूनीफार्म की संख्या
बांकेगंज में 2804, बेहजम में 2718, बिजुआ में 3560, धौरहरा में 3910, ईसानगर में 22140, गोला में 2450, लखीमपुर में 4904, मितौली में 5010, मोहम्मदी में 2238, नकहा में 3200, निघासन में 20760, पलिया में 11262, पसगवां में 5000, फूलबेहड़ में 4086 और रमियाबेहड़ 6756 यूनीफार्म की सिलाई की गई है।
बाक्स=वर्जन.......
मिशन के लक्ष्यों और मूल्यों में विश्वास रखकर कार्य किया जाए, तो कोई भी कार्य ग्रामीण क्षेत्र की निर्धन महिलाएं संगठित होकर सफलता पूर्वक कर सकती हैं। ऐसा ही एसएचजी ग्रुप की महिलाओं ने यूनीफार्म की सिलाई करके साबित कर दिखाया है। यूनीफार्म की सिलाई करके महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा दिया है। आजीविका के संसाधनों में वृद्धि से आर्थिक स्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है।
रवि रंजन, सीडीओ