ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत में सुधार
लखनऊ के प्राणि उद्यान में चल रहा उसका सघन लाज, अब खतरे से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव में ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत में सुधार हो रहा है। उसका इलाज लखनऊ के प्राणि उद्यान में चल रहा है। सोमवार को उसकी हालत पहले से बेहतर दिखाई दी और उसने पानी पिया। अभी बाघिन सघन चिकित्सकीय निगरानी में है। यह जानकारी नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की पिटाई से बाघिन को काफी चोटें आई हैं।
शुक्रवार को निघासन क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव में बाघिन ने 45 वर्षीय कामता प्रसाद को मार डाला था। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गेहूं के खेत में छिपी बाघिन को घेर कर पहले ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की। उसके बाद ग्रामीणों ने बाघिन को लाठी डंडों से पीट कर अधमरा कर दिया था। वन विभाग और पुलिस ने किसी तरह बाघिन को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और जाल डालकर उसे मझगईं रेंज मुख्यालय ले गए। मझगई में कई पशु चिकित्साधिकारियों की देखरेख में घंटों इलाज के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो रात करीब नौ बजे उसे लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ले जाया गया।
प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ उत्कर्ष शुक्ला के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम बाधिन के इलाज में जुटी रही। डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाघिन को काफी अंदरूनी चोटें आई हैं। बाघिन को 72 घंटों के लिए पूरी तरह आइसोलेशन में रखकर डाक्टरों की सघन निगरानी के बीच रखा गया। जिसके परिणामस्वरूप बाघिन की हालत में सुधार शुरू हो गया है। फिलहाल बाघिन की हलत खतरे से बाहर बताई जा रही है।