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खेत में पड़ी मिली बच्चों को दी जाने वाली आयरन की गोलियां

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लखीमपुर खीरी।
शहर से सटे मीरपुर गांव के एक खेत में सरकारी आयरन की तीन हजार से अधिक गोलियां पड़ी मिलीं। जिन पर एक्सपायरी मार्च-2018 अंकित है। सीएमओ की सूचना पर डीआई ने रविवार को मौके पर जाकर दवाओं को सुपुर्दगी में लेकर सीज कर दिया। सीएमडी के चीफ फार्मेसिस्ट को दवा सुपुर्द कर दी गई है। सीएमओ ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
मीरपुर गांव स्थित एक निजी अस्पताल के पीछे के एक गन्ने के खेत में शनिवार को सरकारी आयरन की गोलियों के कई डिब्बे पड़े मिले, जिसकी सूचना सीएमओ डॉ. जावेद अहमद को दी गई। इस पर उन्होंने इसकी सूचना ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या को दी। डीआई ने रविवार की दोपहर खेत पर जाकर आयरन की 318 स्ट्रिप को सीज कर दिया। दवा की स्ट्रिप पर यूपी गर्वमेंट सप्लाई अंकित है। बता दें कि बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए आयरन की गोलियां स्कूली बच्चों को खिलाई जाती हैं। कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को 45 मिलीग्राम की एक गोली हर सप्ताह साल भर खिलाई जाती है। गोली खिलाने की जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है और उनकी डिमांड पर स्वास्थ्य विभाग उन्हें दवा मुहैया कराता है।
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इस तरह सीएमडी से दी जाती हैं गोलियां
सीएमडी प्रभारी एवं एसीएमओ डॉ. मातादीन का कहना है कि 45 मिलीग्राम वाली गोलियां कक्षा पांच तक के छात्रों को दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि स्टोर से आयरन की गोलियां ले जाने की जिम्मेदारी सीएचसी अधीक्षक की होती है। वहीं उनके द्वारा लिखा पढ़ी में भेजे गए जिम्मेदार व्यक्ति को भी दे दी जाती है।
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सूचना के दूसरे दिन
खेत पर पहुंचे डीआई
खेत में आयरन की गोलियां पड़ी होने की सूचना मिलने पर सीएमओ ने स्वयं मौके पर न जाकर डीआई संदेश मौर्या को जाने के लिए फोन कर दिया। वहीं डीआई न तो स्वयं मौके पर गए और न ही किसी कर्मचारी को ही भेजकर दवाओं को उठवाना जरूरी समझा। करीब 15 घंटे बाद खेत पर पहुंच कर डीआई ने दवाओं को अपने कब्जे में लिया।

सूचना मिलने पर तुरंत डीआई को फोन कर दिया था। दवाएं खेत में कैसे पहुंची इसकी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगी उस पर कारवाई होगी।
- डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ

सीएमओ साहब ने जब फोन किया था तो मैं लखनऊ में था और वहां से आने के बाद रविवार को स्वयं खेत पर जाकर दवाओं को कब्जे में लेकर सीज किया है।
- संदेश मौर्या, ड्रग इंस्पेक्टर
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