जिले में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से पीड़ित चिह्नित किसानों को मुआवजा वितरण का काम पूरा नहीं हो सका है। अब तक 34,600 किसानों को 15 करोड़ 35 लाख 96 हजार रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। जबकि 79,507 किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, जिनके लिए जिला प्रशासन को 40 करोड़ 52 लाख 34 हजार 43 रुपये की शासन से दरकार है।
जिले की सभी सात तहसीलों में अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से पीड़ित 1,14,107 किसान चिह्नित किए थे, जिन्हे मुआवजा देने के लिए 55 करोड़ 88 लाख 30 हजार 43 रुपये की डिमांड शासन से की गई थी। शासन ने चार चरणों में जिले को 15 करोड़ 35 लाख 96 हजार रुपये मुहैया कराए थे, जिनका 34,600 किसानों में वितरण कराने का दावा किया जा रहा है। अवशेष 79,507 किसानों को मुआवजे मिलेगा या नहीं। इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि जिला प्रशासन ने धनराशि की डिमांड की है, जिसके मिलने पर वितरण कराने की बात कही जा रही है।
एडीएम एसपी सिंह के अनुसार अवशेष किसानों को मुआवजा वितरित करने के लिए शासन से धनराशि की डिमांड की गई है। जैसे-जैसे धनराशि मिलेगी, उसी के अनुरूप वितरण कराया जाएगा।
शासन ने किसानों की मौत की सूचना मांगी
लखीमपुर खीरी। अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के चलते किसानों द्वारा की गई आत्महत्या या सद्मे से मरने के मामलों की सूचना शासन ने मांगी है। राहत आयुक्त ने जिला प्रशासन को भेजे पत्र में विधानसभा प्रश्न का हवाला देते हुए आत्महत्या करने या सदमे से मरने वाले किसानों का ब्योरा मांगा है, जिसको लेकर छह जून 2015 को वीडियो कांफ्रेसिंग भी होगी।