आधी अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हो गई आयुष्मान योजना
निजी अस्पतालों को शामिल करने में फेल हुए अधिकारी
निजी डॉक्टर्स को नहीं है इस योजना में रुचि
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जिले में आधी अधूरी तैयारियों के बीच रविवार से प्रधानमंत्री जन अरोग्य (आयुष्मान) योजना की शुरुआत कर दी गई। अभी तक स्वास्थ्य महकमा सिर्फ जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और गोला व पलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को इस योजना से जोड़ पाया है। खास बात यह है कि न तो आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति हो पाई है और न ही लाभार्थियों की सूची ही पूर्णरूप से फाइनल है। महज 17 लाभार्थियों को योजना के कार्ड बांटे जा सके हैं। इतना ही नहीं लाभार्थियों के अंगूठे का निशान लेने वाली मशीनें तक नहीं लग पाई हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को रांची (झारखंड) से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लांच की। जिले में कलक्ट्रेट सभागार में दोनों सांसदों और भाजपा विधायकों की मौजूदगी में कार्यक्रम की शुरुआत कर दी थी। योजना में गरीब तबके के लोग, मुखिया के दिव्यांग होने की स्थिति में, एससीएसटी, मैला ढोने वाले और मजदूरी करने वाले लोग इस योजना का लाभ पाएंगे। एक परिवार सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकेगा। योजना के टोल फ्री नंबर 14555 अन्य जानकारियां भी हासिल हो सकती हैं। आननफानन में इस योजना की शुरुआत की खानापूरी तो कर दी गई पर हकीकत में यहां अभी इस योजना को अमलीजामा ही नहीं पहनाया जा सका है। सीएमओ जिन अस्पतालों को शामिल करने की बात कर रहे हैं, वह सरकारी अस्पताल हैं। निजी अस्पताल संचालक योजना में महज इसलिए रुचि नहीं ले रहे हैं क्योंकि इस योजना में इलाज करने पर उन्हें काफी कम पैसा मिलेगा। शहर के एक निजी चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि किसी ऑपरेशन पर चार हजार का खर्च आता है तो इस योजना में उसका भुगतान 40 से 60 प्रतिशत ही होगा। ऐसे में डॉक्टर की जेब से काफी पैसा चला जाएगा। यही वजह है कि इस योजना में निजी अस्पताल शामिल होने से कतरा रहे हैं। इस तरह जिले में जहां अभी तक अस्पताल ही शामिल नहीं हो पाए हैं, वहीं इस योजना को चलाने के लिए स्टाफ और संसाधन की भी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। जिले में मात्र आयुष्मान योजना के लिए एक कक्ष में भी सेन्टर खोला जा सका है।
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आयुष्मान मित्रों का काम महत्वपूर्ण, तैनाती तक नहीं
सीएमओ मनोज अग्रवाल का कहना है, आयुष्मान मित्र तैनात करने, लाभार्थियों के अंगूठा लगवाने के लिए फिंगर प्रिंट स्कैनर लगवाने, मरीज के भर्ती होते ही इससे संबंधित पोर्टल पर जानकारी देने के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि चार आयुष्मान मित्र की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इन चारों को ज्वाइन करा दिया जाएगा। आयुष्मान मित्रों का काम यह है कि मरीजों का पंजीकरण कराएंगे। भर्ती कराकर उनका इलाज शुरू कराएगा और छुट्टी होते ही उन्हें डिस्चार्ज कार्ड दिलवाएंगे।
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ऐसे शामिल हो सकते हैं आयुष्मान योजना में
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल बताते हैं कि जिले में तीन लाख 76 हजार 628 लोगों को योजना में पात्र पाया गया है। इन्हें सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें 18 लाख 83 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। अभी करीब 10 हजार से अधिक गरीब परिवार ऐसे हैं, जिन्हें योजना में सूचीबद्घ नहीं किया जा सका है। ये लोग भी टोल फ्री नंबर पर कॉल करके अथवा सीएमओ कार्यालय आकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए बीपीएल कार्ड अथवा राशन कार्ड लगाना होगा। जांच के बाद उनका नाम योजना में शामिल कर लिया जाएगा।
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ऐसे लें लाभ
सीएमओ के अनुसार परिवार का मुखिया योजना से संबद्ध अस्पताल में पहुंचकर फ्रिंगर प्रिंट स्कैनर में जैसे ही अंगूठा लगाएगा। ऑनलाइन सिस्टम से पता लग जाएगा कि वह और उसका परिवार योजना में शामिल है या नहीं। लाभार्थी के राशन कार्ड में परिवार के जितने सदस्य होंगे, उन्हें इलाज की सुविधा मिलेगी। राशनकार्ड या पंजीकृत मोबाइल नंबर बताकर योजना का लाभ लिया जा सकता है।