रेल क्रासिंग खोलने की मांग पर ग्रामीण अड़े
दूसरे दिन तंबू लगाकर दिया धरना, महिलायें भी हुईं शामिल
समस्या सुनने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि
उचौलिया। हरिहरपुर बंजरिया गांव के पास रेलवे द्वारा बंद की गई रेल क्रासिंग को खोलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को भी धरना दिया। ग्रामीणों ने क्रासिंग के पास तंबू लगा दिया, जिसमें महिलाओं की भी भागीदारी रही, लेकिन उनकी समस्या सुनने कोई नही पहुंचा।
हरिहरपुर बंजरिया गांव को गए संपर्क मार्ग पर स्थित रेल क्रासिंग को बंद करने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या पैदा हो गई है। फौरी तौर पर ग्रामीणों ने रास्ता बना लिया है मगर ग्रामीणों को रेलवे ने इस क्रासिंग को स्थायी तौर पर बंद करने का फरमान सुना दिया है। नाराज ग्रामीणों ने रास्ता खुलवाने के लिए अब अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। रविवार को उनकी समस्या सुनने न तो प्रशासन का कोई अधिकारी पहुंचा और न ही कोई जनप्रतिनिधि मौके पर गया, जिसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। रविवार को धरने में भूरी देवी, मैना, रामकली, कमरुन्निशा, नाजिमा बेगम, छोटी बिटिया, नन्हे सिंह, सत्यवान सिंह, नीरज सिंह, शानू, नौशाद खान, रोहित सिंह, रामवीर सिंह, संजय, सोनू सिंह आदि शामिल रहे।
हरिहरपुर बंजरिया तक पीडब्ल्यूडी बना रहा है डामर रोड
रेलवे भले ही हरिहरपुर बंजरिया मार्ग पर क्रासिंग को बंद कर रहा हो लेकिन लोक निर्माण विभाग ने हाईवे से गांव तक करीब सवा किमी लंबे और पौने चार मीटर चौड़े पक्के मार्ग को बनाने के लिये काम शुरू कर दिया है। पत्थर डालकर मार्ग को बराबर किया जा चुका है। जेई सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हे रेलवे द्वारा मार्ग को बंद करने की कोई जानकारी नहीं है। गांवों तक संपर्क मार्ग पक्का करने के तहत इस मार्ग को भी पक्का बनाया जा रहा है।