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बार्डर से पांच किमी पहले
ही रोक दी गईं टूरिस्ट बसें
- यात्रियों को हुई परेशानी, पैदल बार्डर तक तय किया सफर
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीफंटा (नेपाल)।
भारत के विभिन्न महानगरों से बार्डर तक नेपाली यात्रियों को लेकर आने वाली टूरिस्ट बसों को पांच किलोमीटर पहले ही एसएसबी कजरिया चौकी पर बिना पूर्व सूचना दिए रोक दिया गया। इससे बच्चे, महिला व पुरुष यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भारी बरसात में पांच किलोमीटर बार्डर तक किसी तरह यात्री पहुंच सके।
बता दें कि भारत के विभिन्न महानगरों से टूरिस्ट बसों की आवाजाही बार्डर तक होती है। नेपाली यात्री इन बसों से बार्डर तक आकर अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। बुधवार को एसएसबी की तानाशाही का खामियाजा इन यात्रियों को उठाना पड़ा। गौरीफंटा बार्डर तक आने वाली टूरिस्ट बसों के एजेंट नेपाली नागरिक चेतन ने बताया कि आज सुबह गुजरात, मुंबई से बार्डर तक आने वाली टूरिस्ट बसों को बिना किसी पूर्व सूचना के एसएसबी ने कजरिया कैंप पर ही रोक लिया। जानकारी लेने पर बताया गया कि ऐसे ऊपर से निर्देश मिले हैं। बुधवार को क्षेत्र में भारी बारिश होने के चलते सैकड़ों यात्रियों को बार्डर तक आने में काफी परेशानी हुई।
नेपाली पत्रकार से एसएसबी ने की अभद्रता
गौरीफंटा।
घटना के बारे में जानकारी लेने पहुंचे नेपाल के एक चैनल के पत्रकार सुभेष पाठक से एसएसबी जवानों ने अभद्रता की। आरोप है कि अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कैमरे से लिए फोटो भी डिलीट करा दिए गए। भारत-नेपाल पत्रकार संघ ने एसएसबी की इस कार्यशैली की निंदा करते हुए दोषी जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।