लखीमपुर खीरी/ ममरी। बिहारीपुर फार्म के पास गन्ने के खेतों में बीते 13 दिनों से घूम रहे खूनी बाघ ने शनिवार रात एक नीलगाय को निवाला बना लिया। इससे पूर्व बाघ ने बीते 21 को गन्ने की पत्ती काटने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) पर हमला कर मार डाला था।
बाघ की निगरानी में लगे फॉरेस्टर ओपी वर्मा, जेपी वर्मा, रामनरेश वर्मा, माया प्रकाश वर्मा आदि वनकर्मियों का कहना है कि दो नवंबर को बाघ की तस्वीर कठिना नदी के दहौरा घाट के पास लगे कैमरे की फुटेज में कैद हुई थी। वहीं, बिहारीपुर फार्म के राजपाल सिंह, श्यामल सिंह, हरविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह आदि का कहना है कि बाघ के हमले का शिकार बनी नीलगाय के अवशेष मौके पर पड़े हैं। रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ ने नीलगाय पर हमला जंगल के भीतर कठिना नदी के नहसी घाट पर किया है, जिससे गांव वालों का कोई सरोकार नहीं है। फिर भी वनकर्मियों की टीम बाघ की निगरानी में लगी हुई है।