पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण रहा। इस चरण में लखीमपुर, नकहा, ईसानगर और धौरहरा में वोट डाले गए। मतदाताओं ने जिला पंचायत के 18 और क्षेत्र पंचायत के 456 सदस्यों को चुनने के लिए उत्साहपूर्वक मतदान किया। इस मतदान के साथ जिला पंचायत के 269 और क्षेत्र पंचायत के 1979 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। इन चार ब्लाकों के 364 मतदान केंद्रों और 961 पोलिंग बूथों पर सुबह सात बजे शुरू हुए मतदान में समाप्ति तक कुल 70 फीसदी वोट पड़े।
बरेली के फरीदपुर थाने में तैनात दरोगा मनोज मिश्रा की ड्यूटी के दौरान हत्या के विरोध में उनके पैतृक गांव लखीमपुर ब्लाक के हरदासपुर के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। हरदासपुर मतदान केंद्र पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। यहां एक भी वोट नहीं पड़ा। लखीमपुर ब्लाक के ही सैधरी मतदान केंद्र पर एक प्रत्याशी के समर्थकों ने कुछ लोगों को वोट डालने से रोकने का प्रयास किया। इस पर वहां बवाल हो गया, दो पक्षों में लाठियां तक निकल आईं। उधर ईसानगर ब्लाक के गणेशपुर गांव में हर बार की तरह इस बार भी महिलाओं ने वोट नहीं डाले। ईसानगर ब्लाक के कई मतदान केंद्रों पर पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में उत्साह दिखाई दिया।
सुबह नौ बजे तक चारों ब्लाकों में 12 फीसदी, 11 बजे तक 27 फीसदी, एक बजे तक 45 फीसदी, तीन बजे तक 60 फीसदी मतदान हुआ था जो मतदान समाप्त होते-होते 70 फीसदी तक पहुंच गया। यह मतदान पिछले दो चरणों से कुछ कम है। मतदान के दौरान मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। डीएम किंजल सिंह, एसपी अखिलेख चौरसिया और प्रेक्षक लगातार भ्रमण पर रहे।