लखीमपुर खीरी। जनपद में सात हजार ऐसी महिलाएं हैं जो विधवा पेंशन ले रहीं हैं। उनके पति राशन कार्ड में जिंदा हैं। इसके अलावा 18 हजार से अधिक अपात्र मुफ्त का राशन ले रहे हैं, इसमें कई आयकरदाता भी शामिल हैं। वहीं अफसरों का तर्क है कि हो सकता है कि पति की मौत के बाद पेंशन बनवा ली हो और राशन कार्ड से पति का नाम न हटवाया हो, जो कि गलत है। सत्यापन के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
आयकर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आयकरदाता के अलावा 6300 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास मानक से कहीं अधिक कृषि जमीन है, जो अपात्र की श्रेणी में आते हैं, बावजूद इसके उन लोगों ने सरकारी कागजों में खेलकर राशन कार्ड बनवा रखे हैं और लंबे समय से मुफ्त में राशन लेते आ रहे हैं। इस तरह अपात्रों का आंकड़ा सामने आने के बाद विभाग अपने स्तर से सत्यापन कराएगा। सत्यापन में अगर अपात्र पाए जाते हैं तो सबसे पहले कार्ड निरस्त किया जाएगा फिर संबंधितों से रिकवरी होगी। लेखपाल और सचिव स्तर से एक-एक कार्डधारक को सत्यापन कराया जाएगा।
अपात्रों से संबंधित जितने भी आंकड़े सामने आए हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन में अगर पुष्टि होती है तो सबसे पहले कार्ड निरस्त किए जाएंगे। साथ ही रिकवरी की जाएगी। सत्यापन के बाद जिन अपात्रों के राशन काटे जाएंगे। उनकी जगह पर पात्रों का राशन कार्ड बनाया जाएगा, ताकि गरीबों को उनका हल कम मिल सके। -अंजनी कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी