बांकेगंज। मैलानी रेंज जंगल से सटे हरदुआ फार्म के पास निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम के सामने अचानक एक बाघ आकर खड़ा हो गया। बाघ देखकर वन कर्मियों के होश उड़ गए, लेकिन बाघ कुछ ही देर में खेतों की ओर चला गया। वन विभाग की टीम ने झाले पर रह रहे पूर्व प्रधान को बाघ की मौजूदगी बताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के जटपुरा बीट से सटे हरदुआ फार्म निवासी पूर्व प्रधान के झाले पर दो बार बाघ आने के बाद वन विभाग ने निगरानी के लिए एक टीम वहां तैनात कर दी है। यह टीम शुक्रवार रात करीब 8 बजे बाघ की लोकेशन पता लगाने के लिए जंगल किनारे खेतों में गश्त कर रही थी। उसी समय एक बाघ गेहूं के खेत से निकलकर उनके सामने आ खड़ा हुआ। टीम में फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, वन रक्षक रामपाल यादव, आकाश खरवार शामिल थे। अपने से चंद कदमों की दूरी पर खड़े बाघ को देखकर वन कर्मियों के होश उड़ गए, लेकिन ऐसी परिस्थितियों का सामना करने में अभयस्त वनकर्मी भागने और शोर मचाने के बजाय अपनी जगह पर स्थिर खड़े हो गए। इससे बाघ जंगल की ओर चला गया। वन कर्मियों ने हरदुआ फार्म लौटकर पूर्व प्रधान श्याम लाल और उनके पुत्र कमलेश को झाले से कुछ दूरी पर बाघ की मौजूदगी की जानकारी देते हुए उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही यह भी बताया कि झाले के पास बाघ आने से वे किस तरह बचाव करें। टीम ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल को दी। उन्होंने टीम से बाघ की और कड़ी निगरानी करने को कहा है।