काम की तेजी देख मार्च में जागी ट्रेन संचालन की उम्मीद
लखीमपुर खीरी। मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए भले ही सीतापुर मैलानी के बीच दूसरे चरण में एक साथ काम शुरू हुआ हो, लेकिन ट्रेनों का संचालन दो चरणों में होगा, जिसकी स्थित भी स्पष्ट है। कार्यदायी संस्था पर सीतापुर लखीमपुर के बीच इसी माह सीआरएस ट्रॉयल होने का दबाव भी है, जिस कारण अधिकारी भी इसी रूट को तैयार करने में जोर शोर से लगे हैं।
कार्यदायी संस्था के लोगों का कहना है कि रेलवे अधिकारी निरंतर कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। संस्था के एक अधिकारी ने बताया कि दबाव के चलते सभी की छुट्टियां तक निरस्त हो गई हैं। पहले रविवार को ठेकेदार ही काम करवाते थे, लेकिन अब हम लोग भी देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमें 25 फरवरी के बाद कभी भी सीआरएस ट्रॉयल होने की सूचना दी गई है, इसलिए इसी तिथि को ट्रायल मानकर कार्य करवा रहे हैं। लखीमपुर से सीतापुर तक ट्रैक तैयार है, स्टेशन पर प्लेटफार्म का निर्माण भी प्रगति पर है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक सीआरएस ट्रॉयल संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है, लेकिन हमें तो काम पूरा ही कराना है।
सीतापुर लखीमपुर ट्रैक की दो बार हो चुकी पैचिंग
सीतापुर लखीमपुर के बीच ट्रैक की दो बार पैचिंग हो चुकी है। ट्रैक पर पत्थर डालने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ स्टेशन पर प्लेटफार्म का निर्माण होना बाकी है। अधिकारियों का मानना है कि संचालन के दौरान भी प्लेटफार्म निर्माण होता रहेगा।
फरवरी में ट्रायल होना है, जिससे मार्च में ट्रेनों का संचालन शुरू हो सके। इसलिए कार्यदायी संस्था को कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए कहा गया है।
-आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल