मझगईं (लखीमपुर खीरी)। इलाके के कंधरहिया गांव में एक किसान के खेत में बाघ ने एक गाय को निवाला बना लिया। गाय के अधखाए शव के पास ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने शव को वहां से उठाकर रेंज में दफन कराया है। बाघ द्वारा लगातार मवेशियों पर किए जा रहे हमलों से ग्रामीणों में रोष है।
चौकी क्षेत्र के कंधरहिया गांव के उत्तरी रामबहादुर के खेत में रविवार को सुबह कुछ लोग आवारा मवेशियों को खेत से भगाने गए थे। इस दौरान वहां उनकी नजर बाघ द्वारा अधखाई गाय के शव पर पड़ा। बाघ द्वारा गाय के मारे जाने की खबर आग की तरह गांव में फैल गई और मौके पर भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे मझगईं रेंजर राममिलन, दरोगा राजाराम, फारेस्ट गार्ड शरद मिश्रा ने मौका मुआयना किया। साथ ही अधखाए शव को अपने सरकारी वाहन से लादकर रेंज में दफन कराया। रेंजर राममिलन ने बताया कि घटनास्थल पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं, शव को देखकर लग रहा है कि सुबह करीब चार बजे के आसपास आवारा गन्ने के खेत में चर रही गाय को बाघ ने मारा है। उन्होंने ग्रामीणों से सावधान रहने को कहा है, बताया, बाघ दोबारा शिकार के पास आ सकता है।
एक माह में बाघ पांच गायों को बना चुका है निवाला
इलाके के कंधरहिया व गंगापुरवा गांव में एक माह के अंदर बाघ अभी तक पांच गायों को अपना शिकार बना चुका है। बीस दिन पहले वहीं नेमचंद के खेत में बाघ ने एक गाय को मार डाला था जिसका कुछ अंश ही मिला था बाकी बाघ खा गया था। घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर तीन गायों का शिकार हो चुका है।