बाघ की लोकेशन के लिये लगे 40 कैमरे
ममरी। बाघ प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण करने आए ग्लोबल टाइगर फोरम के सदस्य सचिव डॉ. राजेश गोपाल के निर्देश पर रेंजर मोहम्मदी महेशपुर के जंगल में बाघ और तेंदुए की गणना करने और उनके मूवमेंट का पता लगाने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना की ओर से जंगल और बाढ़ प्रभावित मैदानी क्षेत्र में 40 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।रेंजर बनारसीदास शाक्य ने बताया कि यह कार्रवाई 21 दिसंबर को बाघ प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण करने आई दिल्ली की सीनियर टीम की योजना के तहत बाघ और मानव संघर्ष रोकने के लिए शुरू की गई है। बताया कि प्रोग्राम के तहत यह 40 कैमरे उन स्थानों पर लगाए गए हैं जहां बाघ तेंदुए की मूवमेंट बना रहती है, जिसमें सरदार लालसिंह, मक्खन सिंह, जोगा सिंह, बलिहार सिंह का फार्म घमहाघाट, सुंदरपुर, मुल्लापुर, बिहारीपुर फार्म और जंगल आदि स्थान शामिल हैं।
कैमरों के माध्यम से सबसे पहले यह पता लगाया जाएगा कि आखिर वहां के जंगल में कुल कितने टाइगर और तेंदुए मौजूद हैं। साथ ही आ रिजल्ट्स रिसर्च भी किया जाएगा कि इन हिंसक वन्य जीवों का किस समय किधर को मूवमेंट रहता है। कैमरों की फुटेज का आंकलन करने के बाद टीम बाघ मानव संघर्ष रोकने के लिए अगली रणनीति तैयार करेगी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम इसकी समय-समय पर अपनी रिपोर्ट ग्लोबल टाइगर फोरम सीनियर टीम के पास भेजती रहेगी। कैमरों की देखभाल, सुरक्षा वन बीट के वनकर्मी करेंगे, जिसमें एसटीएफ जवानों का भी सहयोग लिया जाएगा। रेंजर ने बाघ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए चालू की गई स्कीम में सहयोग का आने को कहा है।