फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीस साल बाद बर्खास्त कर्मचारी को दे दी पदोन्नति

विज्ञापन
promotion - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
धौरहरा। बीस साल तक बर्खास्त कर्मचारी न सिर्फ नौकरी करता रहा वरन इसी बीच वह प्रमोशन भी पा गया। इतना ही नहीं हाईकोर्ट के जिस स्थगन आदेश के सहारे वह नौकरी कर रहा था उसे भी हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए बीती अक्टूबर में वापस ले लिया। बावजूद इसके अधिकारियों की मेहरबानी से कर्मचारी नौकरी में तो है ही उसे लगातार वेतन भी मिल रहा है। यही नहीं महत्वपूर्ण दस्तावेज भी उसी के कब्जे में हैं।
विज्ञापन

मामला नगर पंचायत धौरहरा का है, जिसका खुलासा शासन और डीएम से शिकायत के बाद हुआ। शिकायत के बाद मामले की संजीदगी देखकर जिम्मेदार अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। किस्सा यह है कि बीस साल से पहले नगर पंचायत धौरहरा में पौंड कीपर के पद पर कस्बा निवासी नोमान अहमद की नियुक्ति की गई थी। यह पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। इसे लेकर काफी विवाद चला था। उसी दौरान तथ्यों का निरीक्षण कर तत्कालीन प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय/ एडीएम ने 28 जनवरी 1997 को एक आदेश कर पौंड कीपर पर नियुक्त कर्मचारी नोमान अहमद को बर्खास्त कर दिया था। इस बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ नोमान हाईकोर्ट चले गए और वहां से स्थगन आदेश हासिल कर लिया। इसके बाद से इसी स्थगन आदेश के सहारे उसकी नौकरी चलती रही और नगर पंचायत उसे वेतन देता रहा। नोमान पर अधिकारियों की कृपा का अंदाजा इस बात से लगता है कि बर्खास्त होने के बाद स्थगन आदेश के सहारे वह नौकरी में तो रहा ही साथ ही मार्च 2017 में उसे प्रोन्नत कर लिपिक भी बना दिया गया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब हाईकोर्ट में लंबित नोमान की रिट याचिका संख्या 1144/1997 को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस विवेक चौधरी ने बीती नौ अक्टूबर 2017 को खारिज कर निर्गत स्थगन आदेश वापस ले लिया, लेकिन वह पूर्ववत नौकरी कर वेतन पाता रहा। 16 दिसंबर को किसी तरह मामले का खुलासा हुआ तो कस्बा निवासी रामनारायण दीक्षित ने प्रकरण की शिकायत डीएम से की और जनसुनवाई के जरिए शासन तक कर दी। डीएम ने एसडीएम धौरहरा को जांच के आदेश दिए तब से जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप है।
विज्ञापन


शिकायत के बाद प्रकरण संज्ञान में आया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। नगर पंचायत के ईओ से कर्मचारी की पत्रावली समेत ब्योरा तलब किया गया है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे तदनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- घनश्याम त्रिपाठी, एसडीएम धौरहरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें