धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली में कार्यरत एक प्रशिक्षु कांस्टेबल ने जातिवाद के बंधन को तोड़कर अनुसूचित जाति की एक लड़की से शादी कर ली। दहेज और दिखावे से परहेज करते हुए प्रशिक्षु सिपाही ने कोतवाली मंदिर के प्रांगण में अग्निकुंड के सात फेरे लेकर जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया। इस आदर्श विवाह के साक्षी बने वर और कन्य पक्ष के परिवारीजनों के अलावा एसपी समेत कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी।
धौरहरा कोतवाली में तैनात प्रशिक्षु कांस्टेबल विष्णु सैनी बुलंदशहर जिले के गांव पंद्रहझाला के निवासी हैं। बुलंदशहर की ही रहने वाली अनुसूचित जाति की रेनू से उनका दो वर्ष से प्रेम संबंध चल रहा था। इसी बीच विष्णु सैनी को पुलिस में नौकरी मिल गई और तैनाती धौरहरा कोतवाली में मिल गई। प्रेम संबंधों की जानकारी जब दोनों के परिजनों को हुई तो बात शादी तक आ पहुंची। शादी के लिए लड़की के परिजन धौरहरा आ गए।
शादी का आयोजन कोतवाली परिसर में ही किया गया। जिसमें वर और कन्या के परिजन शामिल हुए। एसपी डॉ. एस. चन्नप्पा और धौरहरा कोतवाली प्रभारी बृजेश त्रिपाठी, गोला कोतवाल दीपक शुक्ला, एसएसआई दिनेश यादव न केवल बारात में शामिल हुए बल्कि कन्या पक्ष की ओर से भी सहभागिता कर वर वधू को अपना आशीर्वाद दिया।
शादी के दौरान प्रशिक्षु सिपाही विष्णु सैनी ने बताया कि वह उन लोगों के खिलाफ हैं जो जातिवाद को बढ़ावा देते हैं। मेरी जाति पुलिस और मेरा धर्म भारत देश है। इस दौरान मोनू, अंकित, मोहित, पुनीता, रूचि, नीलम, किरन आदि पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।
-----------------------------------