अब किसानों से सिर्फ 30 क्विंटल ही खरीद सकेंगे गेहूं
क्रय केन्द्रों को 30 क्विंटल से ज्यादा खरीद के लिए एसडीएम से अनुमति जरूरी
अभिलेख अपूर्ण मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद में गड़बड़ियों को रोकने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रत्येक किसान से अधिकतम 30 क्विंटल गेहूं खरीदने के आदेश दिए हैं। प्रतिदिन होने वाली खरीद से संबंधित जानकारी जैसे किसान का नाम-पता, मोबाइल नंबर, खरीद की मात्रा आदि की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रत्येक केन्द्र पर बोरा रजिस्टर और टोकन रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं, जिसके अधूरे मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में गेहूं खरीद की समीक्षा की गई, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि समस्त क्रय केन्द्रों पर लघु एवं सीमांत किसानों का गेहूं पहले तोला जाए। क्रय केन्द्र पर समस्त अभिलेख पूर्ण रूप से भरे हुए एवं व्यवस्थित रूप से रखे जाएं। अभिलेखों में किसानों के मोबाइल नंबर सही रूप में दर्ज किए जाएं। क्रय केन्द्र पर बोरा रजिस्टर और टोकन रजिस्टर अनिवार्य रूप से समस्त प्रविष्टियों के साथ भरे हुए रखे जाएं। जनपद में औसत उत्पादकता 37.95 क्विंटल प्रति हेक्टेअर के हिसाब से अधिक विक्रय करने वाले किसानों का गेहूं खरीदने से पहले संबंधित एसडीएम से अनुमति लेना जरूरी होगा। डीएम ने कहा कि किसी भी स्थिति में बिचौलियों से खरीद न की जाए। प्रत्येक दिन की खरीद के साथ क्रय किए जाने वाले गेहूं की मात्रा के साथ किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर समस्त एजेन्सियों के जिला प्रबंधकों द्वारा जिला खाद्य विपणन अधिकारी के माध्यम से उनके समक्ष रखा जाएगा, जिसका समय-समय पर राजस्व कर्मचारियों से सत्यापन कराया जाएगा। डीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दभर्ज कराई जाएगी। बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, एआर कोआपरेटिव मंगल सिंह, मंडी सचिव संतोष कुमार समेत समस्त एजेंसियों के प्रबंधक और समस्त क्रय केन्द्र प्रभारी उपस्थित रहे।
किसानों को चेक से भुगतान करने पर जवाब तलब
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने किसानों को चेक से भुगतान किए जाने के मामलों पर संबंधित एजेंसियों के प्रबंधकों से जवाब तलब किया है। साथ ही चेक के बजाय आरटीजीएस से भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। जिला खाद्य एवं विपणन निरीक्षक लालमणि पांडेय ने क्रय केन्द्रों के निरीक्षण में पाया था कि कुछ एजेंसियां किसानों को आरटीजीएस से भुगतान करने के बजाय चेक का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे गड़बड़ी होने की आशंका अधिक रहती है। वहीं सरकार ने भी किसानों को आरटीजीएस से ही भुगतान करने के आदेश दे रखे हैं। चेक से भुगतान करने वाले क्रय केन्द्रों के किसानों का रेंडम आधार पर सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।