सामुदायिक सहभागिता बढ़ाएगा स्वच्छ शक्ति रथ
प्रत्येक ब्लाक की दो ग्राम पंचायतों का करेगा भ्रमण
15 दिन तक चलेगा अभियान, दिखाएंगे नुक्कड़ नाटक
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। गांवों में लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करके सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके लिए स्वच्छ शक्ति रथ (एलईडी मोबाइल वैन) रवाना किया गया है। ब्लाकों में प्रतिदिन दो गांवों में शक्ति रथ भ्रमण कर एलईडी के जरिए विभिन्न कार्यक्रमों का प्रसारण करेगा। वैन के साथ नुक्कड़ नाटक के सदस्य भी रहेंगे, जो स्वच्छता के बारे में जानकारी देंगे।
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के सभी गांवों को दो अक्तूबर 2018 तक ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किया जाना है, जिसके लिए ग्राम पंचायतों में अभी भी 2.60 लाख से अधिक शौचालय बनाए जाने हैं। करीब पांच माह के समय में लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती है, जिसमें सामुदायिक सहभागिता जरूरी है। इसके लिए विधायक योगेश वर्मा, सौरभ सिंह सोनू, सीडीओ रवि रंजन और डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया है, जो एक दिन में दो गांवों में तीन-तीन घंटे का कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा। एलईडी वैन द्वारा शाम को चार से सात बजे और साढ़े सात से रात 10.30 बजे तक कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में कार्यक्रम का संचालन करने से पूर्व मुनादी कराकर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी, जिनके एकत्र होने के बाद कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री का संदेश दिखाने के साथ ही टिगरिंग, फिल्म शो, क्विज आदि को शामिल किया गया है।
इन ग्रामों में जाएगा स्वच्छ शक्ति रथ
लखीमपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत राजापुर, नकहा के नकहा और बड़ागांव, ईसानगर के खम्हरिया और हसनपुर कटौली, धौरहरा के देवीपुरवा और सरसवां, रमियाबेहड़ के कफारा, तेलियार और रमियाबेहड़, निघासन के भेड़ौरी और बम्हनपुर, पलिया के महंगापुर, सिंगाही खुर्द और रामनगर, बिजुआ के पड़रिया तुला और भीरा, फूलबेहड़ के सुंदरवल और चपरतला, बांकेगंज के ग्रंट नंबर 18 और सुआबोझ, कुंभी के सिकंद्राबाद और अजान, मोहम्मदी के मोहम्मदी सरांय और राजापुर बेनी, पसगवां के मैगलगंज और पसगवां, मितौली के कस्ता और ग्रंट इनायतचीफ, बेहजम ब्लाक के ग्राम पंचायत बेहजम कार्यक्रम दिखाए जाएंगे।
20 एलकेएच 11
सर्वे के बाद भी नहीं मिला शौचालय
महेवागंज। सरकार के स्वच्छता अभियान को अधिकारी किस तरह पलीता लगा रहे हैं। इसकी बानगी देखनी हो तो फूलबेहड़ क्षेत्र के ग्राम बालूडीह निवासी 72 वर्षीय मुंजा के घर पर नजर डालनी होगी। बुजुर्ग बेवा अपने दो शादीशुदा बेेेटों और उनके परिवार के साथ कच्चे घर मे जीवन बिता रही है। बेटे मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे है। टटिया और पन्नी से घर बना है। शौचालय भी नही हैं। घर के पीछे स्थित तालाब किनारे टाट पन्नी घेर कर काम चलाया जा रहा है। बेेेवा मुंजा के पुत्र इदरीश और हसरत ने बताया कि कई बार सर्वे भी किया गया। बावजूूूद आवास तो दूर शौचालय तक के लिए सरकारी मदद नही मिली। मजदूरी कर दो जून की रोटी कमाने वाले इदरीश ने बताया वह शौचालय के लिए व ग्राम प्रधान से लेकर फूलबेहड़ ब्लॉक के अधिकारियों तक से कई बार गुहार की पर किसी ने ध्यान नही दिया।