लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ।
अलीगंज रोड स्थित परमिंदर कौर आरा मिल में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसमें मशीन, लकड़ी आदि सामान जलने से लगभग 14 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं स्टेशन रोड स्थित पीलीभीत धर्मशाला में लगा विशालकाय कैमल का पेड़ सोमवार की देर शाम भरभराकर जल उठा। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
अलीगंज रोड स्थित परमिंदर कौर आरा मिल में 20/21 नवंबर की रात एक बजे के लगभग अज्ञात कारणों से आग लग गई। आरा मिल में उठती लपटों को देखकर चौकीदार ने शोर मचाकर आरा मिल स्वामी अमरपाल सिंह को सूचना दी। आधी रात में लगी आग को देखकर आसपास के लोगों में कोहराम मच गया। सूचना पर नगर फायर स्टेशन के कार्यवाहक प्रभारी सुरेंद्र सिंह शिंदे दमकल कर्मियों के साथ फायर बिग्रेड की गाड़ी लेकर पहुंचे, लेकिन भीषण आग पर वह काबू नहीं पा सके। आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। काबू पाने के लिए मोहम्मदी से मंजू कुमार, मोहम्मद नबी, सुलखान सिंह यादव, लखीमपुर से अग्निशमन अधिकारी भरतराम, रामचंद्र कनौजिया, फायर बिग्रेड गाड़ी और सीएफओ मुकीमुल हक के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तीन स्थानों के दमकल कर्मियों ने बमुश्किल नौ घंटे बाद आग पर काबू पाया। आरा मिल स्वामी अमरपाल सिंह ने बताया कि आग लगने का कारण पता नहीं चल सका। आग लगने से लगभग 14 लाख के नुकसान का अंदेशा है।
150 साल पुराना था कैमल का पेड़
स्टेशन रोड स्थित पीलीभीत धर्मशाला में लगभग 150 साल पुराना विशालकाय कैमल का वृक्ष सोमवार की देर शाम अचानक भरभरा कर जल उठा। पेड़ में अचानक लगी आग से धर्मशाला में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। धर्मशाला मैनेजर सुशील पांडे ने बताया कि शाम को वह लोग खाना खा रहे थे तभी अचानक पेड़ में लपटें उठने लगीं। फायर स्टेशन को सूचना दी गई, मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका।
झोपड़ी में आग लगी से हजारों की क्षति
रजागंज। तहसील सदर क्षेत्र के गांव रजौरा में सोमवार की शाम सागर की झोपड़ी में आग लग गई, जिससे घर में रखे पांच हजार रुपये, जेवर, बिस्तर, चारपाई, कपड़े, अनाज आदि सामान जल गया। शोर सुनकर पड़ोस के विक्रम ने जेट पम्प चला दिया, जिससे ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान राजेंद्रप्रसाद ने आग लगने की सूचना तहसीलदार को दी। क्षेत्रीय लेखापाल रामनरेश शुक्ला ने मौका मुआयना कर लिया है।