दुधवा की लाइफ लाइन सुहेली नदी को मिलेगा नया जीवन
सिल्ट सफाई कराकर पुराने स्वरूप में लाने की होगी कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क की लाइफ लाइन कही जाने वाली सुहेली नदी को जल्दी ही नया जीवन मिल सकता है। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने की कवायद चल रही है। टाइगर रिजर्व के नवागत फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि सुहेली नदी में भारी मात्रा में सिल्ट जमा है। इससे यह न केवल उथली हो गई है बल्कि बहाव का रास्ता भी बदल गया है। चूंकि सुहेली नदी दुधवा नेशनल पार्क के हजारों वन्यजीवों की प्सास बुझाती है, इसलिए सिल्ट सफाई बहुत जरूरी हो चुकी है। उम्मीद है सफाई के बाद नदी अपने पुराने स्वरूप में आ जाएगी। इसके लिए 21 जून को एक हाइड्रोलॅाजिस्ट भी दुधवा आ रहे हैं।
फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के चयन की नियमावली बनाकर दुधवा टाइगर रिजर्व स्तर से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी तक स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान यहां पीएसी से प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाघों के संरक्षण और संवर्धन के साथ अन्य वन्यजीवों के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घास के मैदान और जलाशयों को भी विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वनापराध रोकना उनकी प्राथमिकता होगी। फील्ड डायरेक्टर ने स्वीकार किया कि दुधवा टाइगर रिजर्व अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित होने के कारण यहां संगठित वनापराध होते हैं। इन अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए जंगल गश्त को और प्रभावी बनाया जाएगा। टाइगर कंजरवेशन फाउंडेशन बाघ और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। फाउंडेशन का पंजीकरण कराने की प्रक्रिया पूरी करके इसे आकार दिया जाएगा। इससे दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण और दूसरे वन्यजीवों के संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।