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ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान की निकली हवा

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04 एलकेएच 2, 3
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान की निकली हवा
चेकिंग का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर पुलिस कर रही खानापूरी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
नेशनल हाईवे पर 12 लोगों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद जागे जिला प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के बड़े-बड़े दावे किए। पूरे जिले में जोरशोर से अभियान भी चलाया गया। शुरुआती दौर में तो पुलिस और परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई, लेकिन यह अभियान हफ्ते भर में ही हवाई साबित होने लगा है। चेकिंग के नाम पर पुलिस एक-दो वाहनों का चालान कर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर अभियान की खानापूरी कर रही है।
कोतवाली पसगवां क्षेत्र में उचौलिया के पास 28 अप्रैल की सवेरे नेशनल हाईवे पर एक मैजिक खड़े ट्रक में घुस गई थी। इस हादसे में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों ने शाहजहांपुर जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बच्चों समेत छह लोग घायल हुए थे। हादसे में एक साथ 12 लोगों की मौत से प्रदेश शासन तक हिल गया था। दुर्घटना के बाद आला अफसरों ने ओवरलोडिंग को लेकर बैठके कीं और इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के बड़े-बड़े दावे किए। हादसे को हुए अभी हफ्ते भर ही बीत पाया है कि प्रशासन के दावे हवाई दिखने लगे हैं। पुलिस चेकिंग के नाम पर महज इक्का-दुक्का वाहनों को रोककर चेकिंग करते हुए फोटो खींचती है और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर खानापूर्ति कर लेती है।
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एसपी के हटते ही अभियान हुआ फुस्स
तात्कालिक एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां भरकर दौड़ रहीं मैजिक, टेंपों आदि के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। दो दिन पहले एसपी का स्थानांतरण शाहजहांपुर होने के बाद जिले में यह अभियान फुस्स होता दिख रहा है।

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा बना मखौल
जिले में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। कहीं डग्गामारी तो कहीं सड़क सुरक्षा खुद की अनदेखी जान पर भारी पड़ रही है। जिले की सड़के रोजाना खून से रंग रही हैं। भूसे की तरह सवारियां भर कर वाहन फर्राटा भर रहे है। मजे की बात तो यह कि इन पर लगाम लगने का दावा ठोकने वाली पुलिस के सामने से ही वाहन गुजरते है।

जुर्माना वसूल थपथपा रहे पीठ
सड़कों पर फर्राटा भरने वाले अधिकांश यात्री व माल वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। किसी हादसे के बाद पुलिस और एआरटीओ की इन पर नजर पड़ती है। चेकिंग के नाम पर खेल भी होता है। अधिकारियों में जुर्माना वसूलने की होड़ मचती सो अलग। जितना ज्यादा जुर्माना उसकी उतनी ही पीठ थपथपाई जाती है। उधर जुर्माना अदा कर मानक की धज्जियां उड़ाने वाले वाहनों के मालिक और चालकों पर इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है।
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वर्जन..
चेकिंग प्वाइंटों का स्वयं आकस्मिक निरीक्षण करूंगा। अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया में फोटो वायरल कर खानापूरी होने की कोई शिकायत अब तक नहीं आई है, फिर भी इसे दिखवाया जा रहा है।
- रामलाल वर्मा, एसपी
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