नंबर पाने को लिख दी घर
की जिम्मेदारी की कहानी
- बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में परीक्षार्थी लिख रहे भावनात्मक अपील
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए परीक्षार्थी परीक्षकों से मार्मिक अपील कर रहे हैं। शुक्रवार को एक कॉपी पर ऐसी ही एक मार्मिक अपील लिखी मिली। परीक्षार्थी ने पिता की बीमारी और घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर होने के कारण अच्छे नंबर देने की अपील की थी।
इंटर के मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी में शुक्रवार को कॉपी जांचने के दौरान शिक्षक को एक कॉपी पर मार्मिक अपील लिखी मिली। परीक्षार्थी ने कॉपी में लिखा था कि उसके पिता बीमार रहते हैं और घर में मां सहित उसके दो भाई और दो बहन हैं। जो काफी छोटे हैं। घर का खर्च चलाने के लिए उसको भी मां के साथ काम करना पड़ता है। परीक्षा के दौरान छुट्टी न मिल पाने के कारण काम करने के साथ-साथ पेपर भी दिए। परीक्षार्थी ने लिखा है कि उसे सिर्फ पास होने भर के नंबर दे दें, जिससे वह आगे पढ़ाई जारी रख सके और छोटे भाई बहनों को भी पढ़ा सके। वहीं परीक्षक का कहना था कि कॉपी में जो लिखा है वह सब गलत है, सिर्फ भावनात्मक अपील से ही पासिंग मार्क्स पाने की लालसा लगा रखी है। भावनाओं से काम कहां चलता है।
वित्तविहीन शिक्षकों के पहुंचने से मूल्यांकन कार्य में आई गति
लखीमपुर खीरी।
डीआईओएस डॉ. ओपी गुप्ता ने बताया कि मूल्यांकन कार्य काफी तेजी से चल रहा है। इंटर के मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी में शुक्रवार तक 70 और हाईस्कूल के मूल्यांकन केंद्र जीआईसी में 93 प्रतिशत कॉपी जांची जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य पांच अप्रैल तक समाप्त होने की संभावना है।