फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजापुर में जमीन अधिग्रहण को लेकर हुई बैठक, किसानों ने काटा हंगामा

विज्ञापन
राजापुर में जमीन अधिग्रहण को लेकर हुई बैठक, किसानों ने काटा हंगामा - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जमीन अधिग्रहण के मामले को लेकर बुधवार को राजापुर गांव में आवास विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने सदर तहसील प्रशासन के साथ ग्रामीणों संग बैठक की। इस दौरान जमीन न देने की जिद ठान चुके ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों को जमीन अधिग्रहित से होने वाले फायदों के बारे में बताना चाहा, लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी।
विज्ञापन

आवास विकास प्राधिकरण द्वारा आवास नीति के तहत राजापुर गांव में 317 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का मामला चल रहा है। इसी सिलसिले में प्राधिकरण के अधिकारी रामायन सरन ने सदर एसडीएम नागेंद्र सिंह के साथ बुधवार को राजापुर के किसानों के साथ प्राइमरी स्कूल में बैठक की। वहीं अधिग्रहण की जद में आ रहे किसान अपनी रोजी रोटी का जरिया आवास विकास प्राधिकरण को देने के लिए तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ है और वह इसी से अपनी जीविका चलाते हैं, इसलिए जमीन देने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। प्राधिकरण के लोगों ने किसानों को जमीन के बदले में अधिक मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन किसानों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमीन न देने की जिद पर ही अड़े रहे। वहीं अधिकारियों द्वार फर्जी तरीके से मृतक एवं भूमिहीन किसान की ओर से जमीन दिए जाने का सहमतिपत्र आलाधिकारियों को भेजे जाने को लेकर किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई।इस दौरान काफी संख्या में महिला पुरुष किसान मौजूद रहे।


यह बोले आवास विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार
प्राधिकरण के ईई सुनील चौधरी ने बताया कि बुधवार को जेई रामायन सरन ने राजापुर गांव जाकर किसानों के साथ बैठक कर उन्हें अधिग्रहण से होने वाले लाभ के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को जमीन के बदले में आवास विकास द्वारा लेटेस्ट निर्धारित मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कुछ भू-माफिया किसानों की जमीन औने पौने दामों में लेने की खातिर उन्हें बरगला रहे हैं। बुधवार की बैठक में भी वहीं कुछ गिने चुने किसान विरोध कर रहे थे, जिनकी भू-माफिया से साठगांठ है। सुनील चौधरी ने बताया कि अधिनियम 1965 की धारा 32 एक के तहत गजट का नोटिफिकेशन हो चुका है। नोटिफिकेशन होने के बाद जमीन को छोड़ा नहीं जा सकता है। सरकार भी इसे नहीं छोड़ सकती है। धारा 7- 17 के तहत डीएम हमें कब्जा दिलवाएगें। उन्होंने कहा कि यदि किसान तैयार न हुए तो आवास विकास शासन व डीएम द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि डीएम को मुहैया करा देगा, जिसके बाद जिला प्रशासन आवास विकास को भूमि पर कब्जा दिलवाएगा।
विज्ञापन


आवास विकास के जेई व ग्रामीणों के साथ राजापुर में बैठक हुई। दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बात रखी। दोनो पक्षों के बीच हुई वार्ता के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जिससे जल्द ही इस प्रकरण का निराकरण हो सके।
विज्ञापन

- नागेंद्र सिंह सदर एसडीएम सदर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें