लखीमपुर खीरी। अफसरों की ढिलाई की वजह से कई कोटेदार राशन की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। धौरहरा तहसील के गांव जटपुरवा और जुगुनूपुर में कोटेदारों ने राशन नहीं बांटा और 375 क्विंटल राशन बाजार में बेच दिया। कुछ दिन पहले जांच कराई तब कोटेदारों की करतूत से पर्दा उठा। जिलाधिकारी के निर्देश पर धौरहरा तहसील में इस संबंध में एफआईआर कराई गई। अब कोटे की दुकानों को निलंबित कर दिया गया। दोनों दुकानों से संबंधित राशन कार्ड धारकों को फिलहाल नजदीक के कोटे से जोड़ा गया है। जल्द नए काेटे आवंटित होंगे।
जटपुरवा ग्राम पंचायत के कोटेदार प्रेम कुमार ने करीब 80 क्विंटल और जुगुनूपुर के कोटेदार राजेश कुमार ने करीब 297 क्विंटल राशन की कालाबाजारी की थी। मई माह में कार्ड धारक अपना राशन लेने पहुंचे तो दोनों कोटेदार मशीन में फिंगर न लगने की बात कहकर कार्ड धारकों को लौटाते रहे। कई दिनों तक राशन नहीं मिलने पर कुछ कार्डधारकों को गड़बड़ी का संदेह हुआ तो उन्होंने एसडीएम धौरहरा राजेश कुमार से शिकायत की। एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक ललित पाठक को जांच सौंपी। जिला आपूर्ति अधिकारी के संज्ञान में भी यह मामला पहुंचा। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने जांच शुरू की। जांच के दौरान दोनों कोटेदारों के गोदाम खाली मिले थे। जांच कर इसकी रिपोर्ट पूर्ति निरीक्षक ने एसडीएम को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम राजेश कुमार ने आख्या जिलाधिकारी को भेजी। इसके बाद मामले में कोटेदारों के विरुद्ध 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम राजेश कुमार ने दोनों कोटे की दुकानें निलंबित कर दी हैं। अब नए सिरे से कोटे आवंटित करने के लिए प्रस्ताव मांगे जाएंगे।