लगातार 36 घंटे तक हुई वर्षा से मौसम तो खुशनुमा हो गया है लेकिन शहर में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को मुसीबतें भी उठानी पड़ीं। बृहस्पतिवार को सुबह बरसात होने के बाद दिन भर वर्षा थमी रही। शाम करीब पांच बजे जो बरसात शुरू हुई वह रात भर जारी रही। शुक्रवार की सुबह मौसम फिर साफ हो गया। शहर में पिछले 36 घंटों के अंदर 120 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। पलिया में 116 मिमी बारिश दर्ज की गई।
तेज हवाओं के साथ बरसात होने से पुलिस लाइंस की बाउंड्री वाल ढह गई। कलक्ट्रेट, अस्पताल, सदर स्कूल, जिला सहकारी बैंक, बेहजम रोड, रेलवे कॉलोनी, नई बस्ती, गढ़ी रोड आदि जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानियां उठानी पड़ीं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कलक्ट्रेट के पीछे डीसी रोड पर एक भारी भरकम पेड़ गिर गया, इससे बिजली पोल भी टूट गया। कई अन्य जगहों पर पेड़ों की डालें गिर गईं इस कारण आवागमन बाधित हो गया।
लगातार बरसात होने से धरती तर होने के साथ ही मौसम में भी तरावट आ गई है। तापमान गिरकर अधिकतम 31.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम खुशनुमा हुआ तो बाजार और सड़कों पर रौनक लौट आई। दिन में वर्षा थमी रहने से लोगों ने अच्छे मौसम में अपने काम भी निपटाए।
पलियाकलां। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। हालांकि दोपहर बाद बरसात बंद हो गई लेकिन आसमान पर काले घने बादल छाए रहे। इलाके में 116.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से शहर में मोहल्लों और सड़कों पर जलभराव हो गया जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से टेहरा, ढाकिन, सुभाषनगर, महमूद नगर, इकरामनगर के निचले भागों के घरों में पानी भर गया और सड़कें पानी से लबरेज रहीं। शहर की प्रमुख सड़क स्टेशन रोड और मालगोदाम रोड की तालाब जैसी हालत रही। किसानों ने खेतों में पानी भर जाने के बाद धान की रोपाई शुरू कर दी है। मझगईं। इलाके में बरसात से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और उन्होंने धान की रोपाई शुरू कर दी है। बारिश से भगवंतनगर गुलरा में ग्राम प्रधान के घर के पास खड़ंजा धंस गया। गांवों में बनी आधी-अधूरी नालियां चोक होने से रास्तों पर जलभराव हो गया।
खीरी टाउन। कस्बे में बीती रात तेज बारिश से मोहल्ला बुखारी टोला, बाजार तथा श्यामलालपुरवा पट्टी रोड आदि मोहल्लों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। इस कारण लोग अपना घर छोड़कर पास के ऊंचे मकानों में रात बिताई। मोहल्ला श्यामलालपुरवा जाने वाली सड़क पूरी तरह से डूब गई इससे लोग घरों में कैद होकर रह गए। मदरसे के आसपास बरसात से पहले नालियों की सफाई न होने से पूरा मोहल्ला पानी में डूबा है। वही मोहल्ला पट्टी रामदास की सड़क, बाजार की सड़क शेखसरांय, मुगलीटोला, सैयदवाडा आदि मोहल्लों में बारिश का पानी भरने के कारण लोगों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेहजम। लखीमपुर-मैगलगंज रोड ऊंची होने के कारण तेज बरसात से कस्बे में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कस्बे के लोग अपना समान सुरक्षित रखने के लिए रात भर पानी उलीचते रहे। ग्राम प्रधान रवि गुप्ता ने बताया कि नाला स्वीकृत है जल्द ही निर्माण कराकर कस्बे में जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। उधर भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. मंगूलाल मौर्य ने सांसद से शिकायत कर जल्दी नाला बनवाने की मांग की।
तिकुनियां। झमाझम बरसात होने से खेतों में गन्ने की फसल की सिंचाई हो गई है तथा धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। उधर कस्बे में कई जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।
बेलरायां। तराई में तेज हवाओं के बीच झमाझम बारिश होने से ग्रामीणों को गर्मी से निजात मिली है, इससे किसानों के चेहरे पर मुस्कान उभरी है। किसानों ने बताया कि बरसात होने से धान की रोपाई शुरू हो गयी है।
ममरी। गुरुवार रात गरज चमक के साथ हुई वर्षा से किसानों के खेत, तालाब, पोखर लबालब भर गए। तराई क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। जिन किसानों के पास पौध उपलब्ध है उन्होंने धान रोपाई शुरू कर दी है।