मड़वा गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
धौरहरा। क्षेत्र के करीब 35 गांव बाढ़ और कटान की चपेट में हैं। 25 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। कई गांवों में घरों के अंदर तक पानी भरा है। जनजीवन अस्त-व्यस्त है। घरों में चूल्हे जलाने तक की जगह नहीं बची है।
चकदहा, कैरातीपुरवा, भुरजनिया, चंदौली, गनापुर, डुड़की, मड़वा और जंगल नंबर तीन समेत कई गांवों में जलभराव है। सधुआपुर और चकदहा में घाघरा नदी तेजी से कटान कर रही है। नदी की धार फसलों के साथ किसानों की जमीन भी निगल रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
सधुआपुर निवासी खेमकरन, मूलचंद, कुंवर सिंह और दीपू समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल और नायब तहसीलदार ने गांव पहुंचकर सर्वे किया था। अभी तक किसी को सहायता नहीं मिली है।
तहसीलदार धौरहरा आदित्य विशाल ने बताया कि जहां भूमि कटान हो रही है, वहां सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर दैवीय आपदा के तहत पात्र प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
एसडीएम धौरहरा राशि कृष्णा ने बताया कि बाढ़ और कटान प्रभावितों को राहत किट उपलब्ध कराने की तैयारी है। दो दिनों में राहत किट वितरित कराई जाएगी। कटान प्रभावितों का सर्वे पूरा होने के बाद एक साथ धनराशि आवंटित की जाएगी।