लखीमपुर खीरी। पश्चिम बंगाल की एक कंपनी के मालिक ने खीरी रोड स्थित 16 एकड़ भूमि के चार मालिकों को हिस्सेदार बनाकर कॉलोनियां बसाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये एजेंटों के जरिए वसूल लिए और फरार हो गया। इसकी भनक ग्राहकों को लगी तो वह एजेंटों से अपना पैसा मांगने लगे। अपनी गर्दन फंसती देख एजेंट बुधवार को डीएम से मिले और पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि आवास लेने के लिए पैसा जमा करने वाले ग्राहक उन्हें घेरकर तकाजा कर रहे हैं।
पलिया के मोहल्ला किसान निवासी एजेंट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, रईश अहमद, ललित सिकरावल, लक्ष्मीकांत, हर्षित और राकेश समेत 15 लोगों ने डीएम को सौंपे पत्र में कहा है कि कोलकाता की एस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के मालिक अभिजीत चक्रवर्ती ने लखीमपुर निवासी झम्मनदास तोलानी, सीताराम तोलानी, योगंद्रपाल और मोहनदास तोलानी से मिकर उनकी खीरी रोड स्थित राजापुर धर्मकांटा के सामने 16 एकड़ जमीन पर दुधवा ग्रीन जेडी नगर के नाम से प्रोजेक्ट बनाकर प्लाटिंग शुरू की थी। इसके लिए कंपनी की ओर से अधिकारी भी नियुक्त किए थे। प्रोजेक्ट में एजेंटों के माध्यम से प्लाट की बुकिंग कराई गई और किस्तों पर प्लॉट बेचे गए। कंपनी ने नक्शे के मुताबिक सीताराम कॉलोनी और योगेंद्र पाल कॉलोनी में मंदिर का निर्माण कराया और लोगों को झांसा देने के लिए भूमि के बदले 54 महीने में दोगुनी रकम देने का वादा भी किया। करीब एक साल से कंपनी के मालिक और अधिकारी फरार हैं। प्रोजेक्ट वाले स्थान पर बंदूकधारी गार्ड मौजूद हैं, जो डराकर भगा देते हैं। ग्राहक पैसा वापस करने के लिए एजेंट पर दबाव बना रहे हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रजिस्ट्री करने से पहले भाग निकले कंपनी मालिक
शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार के मुताबिक करीब 34 सौ एजेंट और ग्राहकों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट में करीब दस करोड़ रुपया कंपनी के पास जमा किया था। यह प्रोजेक्ट 2015 में शुरू किया गया था। भूमि पर न्यूनतम कीमत एक हजार रुपये वर्ग फुट के हिसाब से प्लाट बुकिंग के एवज में 25-25 हजार रुपये पहले ही जमा करा लिए गए थे। पश्चात मासिक किश्तें बना दी गईं थीं। करीब अस्सी प्रतिशत पैसा लोग जमा कर चुके थे। जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो कंपनी के मालिक दफ्तर बंद करके फरार हो गए।
दुधवा ग्रीन के नाम पर प्लाट बेचने और कंपनी के लोगों के भाग जाने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी। ठगी का मामला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम