तिकुनिया (लखीमपुर खीरी) जिले से सटे कर्तनिया घाट जंगल में एक किशोर के कपड़े और कुछ मांस के टुकड़े बरामद हुए हैं। यह किशोर दो दिन पहले अपने कुछ साथियों के साथ जंगल में लकड़ियां बीनने गया था। उसी दिन से वह गायब था। घर वाले उसकी तलाश कर रहे थे। शनिवार सुबह जंगल के अंदर किशोर के कपड़े और मांस के लोथड़े बरामद हुए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने छानबीन शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि हिंसक जंगली जानवरों ने उसे अपना निवाला बनाया है। फिलहाल शव न मिलने से वन विभाग यह पुष्टी नहीं कर पा रहा है कि मांस जानवर का है या इंसान का।
तिकुनिया कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरतनगर के मजरा नयागांव निवासी श्रीपति का 17 वर्षीय पुत्र उमेश बृहस्पतिवार को अपने साथियों के साथ मोहाना नदी को पार कर कर्तनिया घाट जंगल में लकड़ियां बीनने गया था। साथियों के मुताबिक लकड़ियां बीनने के दौरान जंगली हाथियों का एक झुंड वहां आ गया। जिससे सभी भाग खड़े हुए। अन्य लोग तो भागने में सफल रहे लेकिन उमेश वहीं फंस गया। किशोर के अन्य साथियों ने उमेश के घर आकर घटना की जानकारी दी। उसी दिन से घर और गांव वाले उमेश की तलाश कर रहे थे। शनिवार सुबह उमेश के खून से सने कपड़े और मांस केे लोथड़े कतर्निया घाट जंगल में पड़े मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वनाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। वनाधिकारियों का अनुमान है कि किसी जंगली जानवर ने उमेश को अपना निवाला बनाया है। शव न मिलने से यह अनुमान लगा पाना मुश्किल है कि मांस जानवर का है या इंसान का। मांस की जांच कराने के बाद ही यह पता चल सकेगा। नयागांव एसएसबी की चौगुर्जी बीओपी के पास स्थित है। गांव से 500 मीटर की दूरी से कर्तनियाघाट जंगल शुरू हो जाता है। नयागांव खीरी जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र में है जबकि जहां किशोर का मांस मिलने की बात कही जा रही है वह जगह कर्तियाघाट वन्यजीव विहार का जंगल है जो जिला बहराइच में स्थित है। किशोर के कपड़ों की शिनाख्त उमेश के पिता श्रीपति और मां लक्ष्मी ने की है। मांस किसका है जांच के बाद पता चलेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि कर्तनिया घाट जंगल में कुछ कपड़े और मांस के लोथड़े मिले हैं। मामला कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार (बहराइच) का है। मांस की जांच कराने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।