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वन विभाग को लगातार चकमा दे रहा चलतुआ का बाघ

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फोटो- 29एलकेएच 503,504
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असामान्य व्यवहार कर रहा चलतुआ का बाघ
वनकर्मियों को दे रहा लगातार चकमा

अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व जे किशनपुर सेंक्चुरी जंगल से सटे चलतुआ गांव के आसपास सक्रिय हुए बाघ का मिजाज बदलने से वन विभाग उसे पकड़ नहीं पा रहा है। दो हाथियों, ड्रोन कैमरों और जालीदार ट्रैक्टर के जरिए बाघ की लोकशन ट्रेस होने के बाद उसे जंगल में भेजने की कवायद हो रही है। बाघ बार-बार अपनी जगह बदलकर वन विभाग के कर्मचारियों को चकमा दे रहा है।
शुक्रवार को चलतुआ गांव के एक ग्रामीण को घायल करने के बाद वन विभाग बाघ की लगातार निगरानी करा रहा है। इसी बीच कांबिग के दौरान मादा हाथी टेरेसा पर हमला कर बाघ उसे घायल भी कर चुका है। रविवार को दुधवा पार्क के दो हाथियों गजराज और पवन कली से जंगल की कांबिग और दो पिंजरे लगाए गए। दुधवा नेशनल पार्क उप-निदेशक महावीर कौजलगि, वार्डेन एसके अमरेश, एसटीपीएफ के जवानों, वन कर्मियों की टीम और संसाधनों से बाघ पर नजर रखी जा रही है। बाघ को पकड़ने के लिए जंगल के अंदर अलग-अलग स्थानों पर दो पिंजरे लगाए गए हैैं। उनमें चारे के रूप में बकरी और सुअर बांधे गए हैं लेकिन बाघ पिंजरे के नजदीक तक नहीं पहुंचा। बाघ की निगरानी में लगे वन कर्मियों की मानें तो इस बाघ का मिजाज ढीठ किस्म का है। कई बार जालीदार ट्रैक्टर के जरिए वन कर्मियों की टीम उसके करीब तक पहुंच गई। बाघ उन्हें देखकर प्रतिक्रिया में गुर्राता रहा, लेकिन अपनी जगह से हटा नहीं। शोर मचाने के बावजूद वह टस से मस नहीं हुआ। डीडी महावीर कौजलगि का कहना है कि बाघ का यह व्यवहार असामान्य है।
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वन विभाग ने लगाईं चार फॉक्स लाइट
बाघ गांव की ओर न जा सके इसके लिए वन विभाग ने जंगल से सटे चलतुआ गांव जाने वाले रास्तों पर चार फॉक्स लाइटें लगवा चुका है। डीटीआर डीडी ने बताया कि इन लाइटों से निकलने वाली रंग-बिरंगी रोशनी में बाघ जंगल से बाहर नहीं आता।

बड़ी नहर पर घंटों बैठा रहा बाघ
रविवार चलतुआ गांव से सटे जंगल की झाड़ियों में बाघ पूरे दिन डेरा जमाए बैठा रहा। डीडी के निर्देशन में वन कर्मी और दो हाथी जंगल की कांबिग करते रहे, लेकिन बाघ की लोकेशन नहीं मिली। शाम ढलने पर बाघ जंगल से सटी खीरी ब्रांच नहर पटरी पर आकर बैठ गया। जालीदार ट्रैक्टर में बैठे डीडी, वार्डेन और वन कर्मी उसे जंगल में खदेड़ने की कोशिश में लगे रहे। बावजूद इसके बाघ वहीं घंटों बैठा रहा।
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वर्जन-
जंगल से निकलकर बाघ गांव में न पहुंचे इसके लिए वन विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। चलतुआ गांव से सटे जंगल में सक्रिय बाघ को सेंक्चुरी क्षेत्र के बड़े जंगल भेजा दिया जाए। शुक्रवार शाम बाघ जंगल से सटी बड़ी नहर पटरी पर पहुंच गया है। वन विभाग की टीमें बाघ की निगरानी कर रही हैं।
- महावीर कौजलगि, उप-निदेशक, दुधवा नेशनल पार्क
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